देश-दुनिया की कई दुर्गम और उच्च चोटियों को फतह करने वाली पर्वतारोही ज्ञान नंदिनी के विश्व की सबसे ऊंची चोटी को फतह करने के अभियान के बीच आर्थिक बाधा खड़ी हो गई है।
उत्तर प्रदेश के चंदौसी निवासी 27 वर्षीय पर्वरोही दर-दर मदद की गुहार लगा रही है। यूपी में पहले अखिलेश सरकार और फिर योगी सरकार से मदद की गुहार लगाने के बाद जब उसे निराशा हाथ लगी तो वह उत्तर प्रदेश छोड़कर उत्तराखंड आ गई।
ज्ञान नंदिनी एक अगस्त को यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुश पर तिरंगा फहराकर लौटी हैं। इससे पहले वह अफ्रीका की किलीमंजारो, हिमाचल स्थित त्रूर्ण पर्वत, मनाली के व्यास कुंड, शित्थी धार की चोटियों पर तिरंगा फहरा चुकी हैं।
इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुकी ज्ञान नंदिनी की कहानी खासी दिलचस्प है। चंदौसी के फरीदपुर खास गांव की रहने वाली ज्ञान नंदिनी एक साधारण परिवार से हैं। पिता नंदकिशोर एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैं।