सोमवार को थराली में बादल फटने से तबाही मच गई। लेकिन अगर तीन वन कर्मी फरिश्ता बनकर नहीं आते तो 20 लोग काल के गाल में समा जाते। ढाडरबगड़ की वन चौकी में तीन वन कर्मियों की सजगता से करीब 20 लोगों की जान बच गईं। रविवार देर रात बादल फटने के दौरान ये सभी लोग कस्बे की दुकानों में गहरी नींद में सो रहे थे।