अल्मोड़ा में तेज बारिश होने के कारण पातालदेवी स्थित पंचाचूली वीमन वीवर्स फैक्ट्री में भारी मात्रा में मलबा और पानी घुस गया। फैक्ट्री के ऊपर की तरफ से भारी मलबा और पानी घुस आने से फैक्ट्री में हड़कंप मचगया और उस वक्त काम पर लगी करीब तीन दर्जन महिलाओं ने भागकर जान बचाई।
गुरुवार को फैक्ट्री के तीन वर्कशॉपों में मलबा भर जाने से लाखों का तैयार और कच्चा माल, बाहर से मंगाई गई पशमीना ऊन आदि बहकर नष्ट हो गई। फैक्ट्री के भीतर मशीनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस फैक्ट्री में करीब 120 महिलाएं काम करती हैं। फिलहाल फैक्ट्री को सप्ताह भर के लिए बंद कर दिया गया है। फैक्ट्री में 10 लाख से अधिक के नुकसान होने की आशंका है।
इसके अलावा रानीधारा, पांडेखोला, एनटीडी आदि इलाकों में भी रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए और कई लोगों के घरों और आंगन में मलबा घुस गया। रानीधारा नौले के पास सड़क धंस गई है और नौले के मुहाने पर काफी मात्रा में मलबा आ गया है। बारिश के कारण सिकुड़ा बैंड के पास सड़क टूटने से बड़े वाहनों के लिए मार्ग को बंद कर दिया गया है, जबकि कई जगहों पर कलमठ बंद होने से सड़कों पर पानी जमा हो गया है। पांडेखोला क्षेत्र में भी बारिश के कारण कई घरों में पानी घुस गया है।
अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर के बाद अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में अचानक बहुत तेज बारिश शुरू हुई। एनटीडी, पातालदेवी आदि इलाकों में बादल कुछ ज्यादा ही बरसे। देखते ही देखते नदी-नालों और सड़कों में भारी मात्रा में पानी बहने लगा। तेज बारिश के कारण पातालदेवी स्थित इंडस्ट्रियल एरिया इलाके में पानी के बहाव के साथ काफी मात्रा में मलबा बहकर आ गया।
इन इलाकों में नाले आदि बंद रहने के कारण पंचाचूली वीमन वीवर्स फैक्ट्री में भारी मात्रा में मलबा और पानी घुस गया, जिससे फैक्ट्री में हड़कंप मच गया और उस वक्त काम पर लगी करीब तीन दर्जन महिलाओं ने किसी तरह भागकर जान बचाई। फैक्ट्री के तीन वर्कशॉपों में काफी मात्रा में मलबा भर गया है।
पंचाचूली वीमन वीवर्स की निदेशक मुक्ति दत्ता ने बताया कि फैक्ट्री के भीतर लाखों का तैयार और कच्चा माल पूरी तरह खराब हो गया है। बाहर से मंगाई गई पशमीना ऊन आदि भी बहकर नष्ट हो गई, साथ ही मशीनों को भी नुकसान पहुंचा है। इस फैक्ट्री में करीब 120 महिलाएं काम करती हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल फैक्ट्री को सप्ताह भर के लिए बंद कर दिया गया है।
प्रकाश पंत के मकान में भी बारिश का पानी और मलबा घुसा
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मालूम हो कि इस फैक्ट्री में उत्पादित ऊनी वस्त्रों का विदेशों में भी निर्यात होता है। सूचना मिलने के बाद तहसीलदार ने फैक्ट्री में पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। बताया जाता है कि पातालदेवी इंडस्ट्रियल इलाके में ऊपर की तरफ नाले आदि बंद रहने से पानी और मलबा बहकर इंडस्ट्रियल एरिया में घुस आया। उधर राजकीय महिला पॉलिटेक्निक में भी पानी और मलबा घुसने की सूचना है।
एनटीडी, लक्ष्मेश्वर और सीएमओ कार्यालय, पूर्वी पोखरखाली, रानीधारा में भी कई जगह नुकसान पहुंचा है। रानीधारा मार्ग में जगह जगह मलवा आने से लोगों के घरों में मिट्टी और बारिश का पानी घुस आया। रानीधारा नौले के मुहाने में भी काफी मलबा एकत्र हो गया। बाद में लोगों ने श्रमदान करके मुहाना साफ किया। इस स्थान पर सड़क भी धंस गई है। मलबा आने से रानीधारा निवासी ललित मोहन तिवारी के मकान को भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
लक्ष्मेश्वर, सीएमओ कार्यालय के पास कलमठ बंद होने से बारिश का पानी पांडेखोला के आसपास स्थित घरों में घुस रहा है। पूर्व सभासद प्रकाश पंत के मकान में भी बारिश का पानी और मलबा घुस गया, जिससे मकान को खतरा बना हुआ है। इधर लगातार हो रही बारिश से सायं के समय धारानौला-एनटीडी मार्ग में सिकुड़ा के पास सड़क टूटने से बड़े वाहनों का आवागमन बंद हो गया है।