कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन में व्यावसायिक वाहनों के ठप होने से राज्य के लाखों वाहन स्वामियों पर करों को बोझ काफी बढ़ गया है। ऐसे में वाहन स्वामियों की मांग पर राज्य सरकार ने तीन माह के रोड टैक्स समेत कई अन्य करों में राहत दी है, लेकिन साफ्टवेयर अपडेट नहीं होने से घोषणा के मुताबिक वाहन स्वामियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बता दें, लॉकडाउन के कारण वाहन कारोबार ठप होने की वजह से वाहन स्वामियों एक साल तक रोड टैक्स समेत अन्य करों में छूट की मांग की थी। फिलहाल सरकार ने केवल तीन माह की छूट दी है, लेकिन टैक्स जमा करने वाला साफ्टवेयर अपडेट न होने से वाहन स्वामियों को कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो अकेले देहरादून संभाग में ही 50 हजार से अधिक वाहन स्वामी हैं। इसके अलावा ऋषिकेश, विकासनगर, हरिद्वार समेत कई जिलों के हजारों वाहन स्वामी भी छूट के दायरे में आएंगे। एआरटीओ (प्रशासन) द्वारिका प्रसाद का कहना है कि सॉफ्टवेयर में बदलाव के लिए सीएनआईसी से लिखापढ़ी की गई है और जैसे ही सॉफ्टवेयर में बदलाव कर दिया जाएगा वैसे ही टैक्स छूट की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।
आरटीओ डीसी पठाई का कहना है कि सभी वाहन स्वामियों को तीन माह की छूट हर हाल में दी जाएगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जा रहा है। जिन व्यावसायिक वाहन स्वामियों ने तीन माह का टैक्स जमा कर दिया है। उनके टैक्स का समायोजन किया जाएगा।