बग्गा 54 और बापू ग्राम
तराई पूर्वी वन प्रभाग के अंतर्गत ऊधम सिंह नगर जिले में बग्गा 54 स्थित है। यहां पर साल के वृक्षों के संरक्षण और उनकी संख्या को बढ़ाने के लिए सत्तर के दशक में टांगिया माध्यम अपनाने का फैसला किया गया। इसके तहत यहां पर लोगों को लाया गया। वर्तमान में करीब 700 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लोग रह रहे हैं। यहां के लोग भी लंबे समय से राजस्व गांव घोषित करने की मांग करते रहे हैं। इसी तरह देहरादून वन प्रभाग के अंतर्गत पचास के दशक से बापू ग्राम में लोग रह रहे हैं। यहां पर 537 हेक्टेयर पर 12 हजार से अधिक लोग रहते हैं।
ये भी पढे़ं...Uttarkashi: यमुनोत्री मार्ग पर मलबा आने से सड़क बंद, फंसे सौ श्रद्धालुओं को एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला
कई तरह की आती दिक्कत
वन भूमि पर बसें लोगों को कई तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसमें राजस्व भूमि की तरह कोई भूमि स्वामित्व होने का रिकाॅर्ड नहीं होता है। इसका क्रय और विक्रय भी सामान्य तौर पर राजस्व भूमि की तरह नहीं हो सकता है। बैंक लोन से लेकर अन्य सरकारी योजनाओं को लेकर भी दिक्कत आती है। राजस्व क्षेत्र बनने से कई तरह की समस्या दूर हो सकेगी।