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इस क्रिकेटर ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर, 'हिटमैन' और सहवाग का रिकॉर्ड

Sun, 07 Oct 2018 02:07 PM IST
अनिल चन्दोला, अमर उजाला, देहरादून
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karanveer kaushal
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उत्तराखंड के करणवीर कौशल ने सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और रोहित शर्मा को पछाड़कर सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। यही नहीं करण ने वेस्टइंडीज के क्रिस गेल और पाकिस्तान के फखर जमां को भी पीछे छोड़ दिया है। करणवीर ने 132 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया है। 

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विजय हजारे ट्रॉफी में शनिवार को करणवीर ने 132 गेंदों में लिस्ट ए क्रिकेट का अपना पहला दोहरा शतक लगाया। करण ने लिस्ट ए में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने के शिखर धवन के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। धवन ने दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ 132 गेंदों में 200 रन बनाए थे। उस पारी में धवन ने कुल 248 रन बनाए।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार 200 का आंकड़ा छूने वाले सचिन तेंदुलकर ने 173 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया था। वहीं, वीरेंद्र सहवाग ने अपना एकमात्र दोहरा शतक पूरा करने के लिए 140 गेंदें खेली थीं। तीन बार वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक ठोक चुके रोहित शर्मा ने सबसे तेज दोहरा शतक 151 गेंदों में बनाया है। हालांकि दोहरा शतक बनाने के बाद उन्होंने महज 15 गेंदों में 64 रन जड़े थे। 
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वहीं करणवीर ने केवल भारतीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले विदेशी क्रिकेटरों को भी पछाड़ दिया है। करण ने वेस्टइंडीज के क्रिस गेल (138 गेंद), न्यूजीलैंड के मार्टिन गप्टिल (152 गेंद) और पाकिस्तान के फखर जमां (149 गेंद) से भी तेज दोहरा शतक जड़ा। 

26 साल का सूखा किया खत्म

karanveer kaushal
करणवीर कौशल ने विजय हजारे ट्रॉफी के 26 साल के इतिहास में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज के रूप में अपना नाम दर्ज कराया।

उन्होंने आंजिक्य रहाणे के 187 रनों के स्कोर को भी पीछे छोड़ दिया है। रहाणे ने 2017-18 में मुंबई की ओर से खेलते हुए महाराष्ट्र के खिलाफ सर्वाधिक स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था। 

नहीं पता था रिकॉर्ड तोड़ दिया
विजय हजारे ट्रॉफी में पहला दोहरा शतक जड़ने वाले करणवीर को अंदाजा नहीं था कि उन्होंने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो आज तक कोई भारतीय बल्लेबाज नहीं कर सका। उन्होंने बताया कि आउट होने के बाद जब वह पवेलियन लौटे तो साथियों ने उसे इस रिकॉर्ड की जानकारी दी। 
 

62 गेंदों में बनाया दूसरा शतक

vijay hazare trophy
करणवीर ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और महज 38 गेंदों में अपना अर्द्धशतक पूरा किया। इसके बाद अगली 32 गेंदों में 50 रन जोड़कर शतक बनाया। अगले सौ रन महज 62 गेंदों में ठोके। अपनी आतिशी पारी के दौरान करणवीर ने 18 चौके और नौ छक्के लगाए।

तीसरे नंबर पर पहुंचे करण
प्रतियोगिता में दोहरा शतक समेत तीन शतक जड़ चुके करणवीर रनों के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। करण ने अब तक खेले गए सात मुकाबलों में कुल 77.83 के औसत से 467 रन बनाए हैं। करण ने पुडुचेरी के खिलाफ 101 और मिजोरम के खिलाफ 118 रन की पारी खेली थी।

प्रतियोगिता में करण का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा है। हालांकि करण से ज्यादा रन बनाने में मणिपुर के यशपाल सिंह (488) और मेघालय के पुनीत बिष्ट (488) के नाम शामिल हैं। पुनीत उत्तराखंड मूल के क्रिकेटर हैं। 
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घर पर लगा बधाई देने वालों का तांता

खुशी मनाते करणवीर के परिवारजन - फोटो : amar ujala
विजय हजारे ट्रॉफी में दोहरा शतक जड़ने की खबर जैसे ही करणवीर के घर पहुंची तो वहां जश्न का माहौल बन गया। आसपास के लोगों, रिश्तेदारों और दोस्तों ने करणवीर के माता-पिता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। 

करणवीर के पिता निर्मल कुमार शर्मा सहारनपुर में चौकी इंचार्ज और मां राधा रावत उत्तराखंड सचिवालय सुरक्षा में तैनात हैं। करण ने राजपुर रोड स्थित जसवंत मॉर्डन स्कूल से अपनी प्रारंभिक पढ़ाई की है। शुरुआत में करण को टेबल टेनिस खेलने का शौक था। 16 वर्ष में करण ने विधिवत रूप से क्रिकेट खेलना शुरू किया। करण को बॉडी बिल्डिंग का भी शौक है।

एबी डीविलियर्स को प्रेरणा मानने वाले करण तेज बल्लेबाजी करना पसंद करते हैं। माता-पिता करण को आईपीएस बनता देखना चाहते थे। हालांकि करण क्रिकेटर बनना चाहते थे। उत्तराखंड को बीसीसीआई की मान्यता न होने के चलते करण ने उत्तर प्रदेश का रुख किया, जहां रणजी ट्रॉफी कैंप में भी शामिल हुए। पत्नी दीपाली कौशल ने बताया कि पहली बार उत्तराखंड की टीम की प्रतियोगिता में शामिल होने को लेकर करण खासे उत्साहित थे। 
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