उसने बताया कि 1994 में उसके भाई इरफान की हत्या हुई थी। वह तीन भाइयों में बड़ा है। छोटे भाई की हत्या क्षेत्र के विधायक ने कराई थी। उसने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रखा।
अंकल के अनुसार विधायक ने उसे भी फर्जी मुकदमों में जेल भिजवाया था। इसके बाद उसने घर जाना छोड़ दिया। दोनों तरफ से हुई लड़ाई में आधा दर्जन से अधिक लोगों की हत्या हो चुकी है। विधायक की भी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। विधायक का बेटा भी जेल में है।
अंकल के अनुसार हल्द्वानी में डकैती डालने के लिए दिनेश कश्यप ने भूमिका तैयार की। उसने बताया था कि एक करोड़ से अधिक का माल मिलेगा। इसी कारण वह हल्द्वानी आने के लिए तैयार हो गया था। लेकिन, उतना माल नहीं मिला।हल्द्वानी पुलिस के पीछा करते समय उसे दिल्ली पुलिस ने तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली से मंडी चौकी प्रभारी कैलाश नेगी ने उसे पुलिस रिमांड पर लिया था। वह हत्या के मामले में 2014 में दिल्ली जेल से छूटा था।
पुलिस छापे के दौरान पता चला है कि डकैती कांड के अन्य आरोपी नावेद ने दिल्ली स्थित अपने अड्डे को छोड़ दिया है। रामपुर के रहने वाले नावेद को नैनीताल और दिल्ली पुलिस भी तलाश कर रही है।
ये हो चुके हैं अब तक गिरफ्तार
1- रोहताश, खड़कपुर, मूढ़ापांडे जिला मुरादाबाद यूपी
2- नबी हसन, बजरिया, आंवला बरेली यूपी
3- प्रकाश कश्यप, वैलेजली लॉज (व्यवसायी सौरभ कौशल का नौकर)
4- अजय कश्यप, प्रकाश कश्यप का रिश्तेदार
5- दिनेश कश्यप, अजय कश्यप का भाई