12 सितंबर अनंत चतुर्दशी के लिए गणपति की मूर्तियों का विसर्जन गंगा में किया जाएगा।घरों में भी लोग गणपति की मूर्तियां स्थापित करेंगे। गणपति की मूर्तियां बनाने का काम कनखल और ज्वालापुर क्षेत्र में शुरू हो चुका है। व्रज योग और हस्त नक्षत्र में गणपति की स्थापना होगी। अगले दिन से दस दिवसीय क्षमावाणी पर्व प्रारंभ हो जाएगा।
13 सितंबर से 16 दिन चलने वाले महालय श्राद्ध प्रारंभ हो रहे हैं। चतुर्दशी को पूर्णिमा के दिन प्रतिपदा के श्राद्ध होंगे। पितरों का विसर्जन 26 सितंबर को किया जाएगा। श्राद्ध समापन पर भगवती दुर्गा के शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो जाएंगे।