प्रदेश के बहुचर्चित करीब पांच सौ करोड़ रुपए के छात्रवृत्ति घोटाले की कड़ी में सोमवार को तीसरा मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसआईटी ने जांच के बाद सोमवार को प्रेमनगर थाने में कई प्राइवेट शिक्षण संस्थानाें, कर्मचारियों और अन्य के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया है। आरोप है कि इन संस्थानों ने फर्जी तरीके से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की छात्रवृत्ति को हड़पा है। पुलिस साक्ष्य संकलन के बाद आने वाले दिनो में आरोप के घेरे में आए शिक्षण संस्थानों के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद एसआईटी जांच ने तेजी पकड़ ली है। एसआईटी ने देहरादून जिले में 2012-13 से वर्ष 2016-17 के बीच अनुसूचित जाति और अनुसूचित जाति के छात्राें को वितरित की गई छात्रवृत्ति की पत्रावलियों का अवलोकन किया है। इनमें व्यापक अनियमितताएं मिलने के बाद एसआईटी ने अभियोग पंजीकृत करने की संस्तुति की। देहरादून एसओजी प्रभारी ऐश्वर्य पाल की तरफ से दर्ज मुकदमे में कई शिक्षण संस्थानों, कर्मचारियों और अन्य को आरोपी बनाया गया है। एसआईटी जांच में पाया गया है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राआें के खाते एक ही बैंक में खुलवाए गए हैं।
इस रिपोर्ट में उदाहरण के तौर पर बताया गया है कि एल्पाइन कालेज आफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी में छात्र-छात्राओं को दशाई गई छात्रवृत्ति में कई छात्रों के मोबाइल नंबर एक ही दिखाए गए हैं। यही स्थिति देहरादून तकनीकी ऑफ मैनेजमेंट कालेज की है। यहां भी छात्रवृत्ति पाने वाले कुछ छात्र-छात्राओं के नंबर एक ही हैं। हरिपुर स्थित मानव इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग संस्थान में काफी छात्राें का मोबाइल नंबर एक ही दर्शाया गया है। 2015-16 में कुलदीप राय नाम के एक छात्र ने दून पब्लिक प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग संस्थान से आईटीआई और इसी सत्र में डीएवी पीजी कालेज देहरादून में बीए प्रवेश दिखाया है। इसी सत्र में नितिन दयाल द्वारा माया इंस्ट्ीट्यूट प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन से बी.टेक और रामपुर पब्लिक इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग संस्थान से आईटीआई करना दर्शाया गया है। इस छात्र द्वारा दोनों संस्थानाें से छात्रवृत्ति प्राप्त की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने बताया कि एसआईटी जांच के आधार पर प्रेमनगर थाने में प्राइवेट शिक्षण संस्थानों, कर्मचारियों और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (घोखाधड़ी), 409 (गबन) और 120 बी 9आपराधिक साजिश) के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। विवेचना में आने वाले तथ्याें के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहते है शिक्षण संस्थान
एल्पाइन कालेज आफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी के चेयरमैन अनिल सैनी का कहना था कि उन्हें इस तरह की कोई जानकारी नहीं है। छात्रवृत्ति के फार्म छात्र-छात्राओं के द्वारा भरे जाते है। ऐसे में जवाब देना मुश्किल है कि किस वर्ष में किन छात्राें ने एक ही मोबाइल नंबर भरा था। इस मामले में हरिपुर स्थित मानव इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग संस्थान, दून पब्लिक प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग संस्थान, माया इंस्ट्ीट्यूट प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन और रामपुर पब्लिक इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग संस्थान का भी पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। भविष्य में जैसे ही उनका पक्ष मिलेगा, उसे प्रकाशित कर दिया जाएगा।
छात्रवृत्ति घोटाला
पहला मुकदमा हरिद्वार
दूसरा मुकदमा डोईवाला कोतवाली
तीसरा मुकदमा प्रेमनगर थाने
समाज कल्याण विभाग द्वारा प्राइवेट शिक्षण संस्थानाें द्वारा उपलब्ध कराए गए छात्रवृत्ति दस्तावेजों की जांच पड़ताल में कई तरह की अनियमितताएं मिली हैं। इसी आधार पर प्रेमनगर थाने में अभियोग पंजीकृत करा दिया गया है। पुलिस विवेचना में देहरादून जिले के एक-एक शिक्षण संस्थान की पत्रावलियाें का अवलोकन कर अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-टीसी मंजूनाथ, एसआईटी प्रभारी, छात्रवृत्ति घोटाल