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त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था पर कभी अफसरों की ना तो कभी हां

Wed, 24 Feb 2016 01:43 PM IST
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
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मुख्यमंत्री के आगे ना और शिक्षामंत्री के हां। शिक्षा विभाग में त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था लागू करने पर विभागीय अफसर शिक्षकों को इसी तरह से उलझाए हुए हैं।
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अफसरों की इस हां-ना से प्रदेश के दो बड़े शिक्षक संगठनों में ठन गई है। जो इसके विरोध और पक्ष में खड़े हो गए हैं और मांगों की अनदेखी पर सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं।

शिक्षा विभाग में त्रिस्तरीय कैडर पीआरटी (प्राइमरी टीचर), टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) और पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) व्यवस्था लागू किए जाने को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी प्राथमिक शिक्षक संघ के साथ बैठक कर इसे अव्यवहारिक बताने के बाद अब जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के साथ हुई बैठक में इसे व्यवहारिक बताने लगे हैं।
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इससे संगठनों में ठन गई है। प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि विभाग में त्रिस्तरीय कैडर उन्हें मान्य नहीं है। बगैर स्थिति स्पष्ट किए इसे लागू किया गया तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने 31 मार्च तक इस व्यवस्था को लागू न करने पर सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है।

तब ना अब हां
26 जनवरी को मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में हुई प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में अधिकारियों ने इसे अव्यवहारिक बताया और इस व्यवस्था को सिरे से खारिज कर दिया गया। वहीं, मंगलवार को शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की बैठक में अधिकारियों ने इसे व्यवहारिक बताया। जिस पर शिक्षा मंत्री ने इसे निश्चित तौर पर लागू करने का आश्वासन दिया।
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त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू न हुई तो जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन इसके विरोध में सड़क पर उतरेगा।
- सुभाष चौहान, प्रदेश अध्यक्ष जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ

इससे हमारे प्रमोशन प्रभावित हो रहे हैं। स्थिति को स्पष्ट किए बगैर इस व्यवस्था को लागू किया तो इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
- दिग्विजय चौहान, प्रांतीय महामंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ
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