शासन ने इस संबंध में जारी किया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रवेश और परीक्षा के लिए अब विश्वविद्यालय समर्थ पोर्टल का संचालन करेंगे। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि हर सेमेस्टर में प्रवेश के बाद छात्र-छात्राओं की 90 दिन की पढ़ाई और 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की जाए।
उच्च शिक्षा सचिव डाॅ. रंजीत कुमार सिन्हा ने जारी आदेश में कहा, शिक्षा मंत्री के निर्देश हैं कि समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्रवेश एवं परीक्षा प्रक्रिया संबंधित सभी दायित्व विश्वविद्यालयों को हस्तांतरित कर दिए जाएं। शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद समर्थ मॉड्यूल का संचालन संबंधित विश्वविद्यालयों को प्रदान किया जाता है। इसके लिए विश्वविद्यालय कुछ शर्तों का पालन करेंगे। राज्य व निजी सभी विश्वविद्यालय अनिवार्य रूप से अपना एकेडमिक कैलेंडर 31 मई तक अपनी कार्यपरिषद से अनुमोदित कराते हुए आगामी सत्र की प्रवेश परीक्षा एवं अन्य प्रक्रिया पूर्ण कराएंगे। निजी विश्वविद्यालय समर्थ मॉड्यूल के लागू होने तक ईआरपी पर ही छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से अपलोड करेंगे। विश्वविद्यालय स्तर पर संबंधित कुलपति एवं कुलसचिव समर्थ पोर्टल के सभी मॉडयूल के संचालन के लिए उत्तरदायी होंगे। किसी भी दशा में इसके संचालन का दायित्व अन्य किसी को हस्तगत नहीं किया जाएगा।
इन छात्रों को परीक्षा में बैठने की नहीं दी जाएगी अनुमति
छात्र-छात्राओं की उपस्थिति समर्थ पोर्टल या संबंधित निजी विश्वविद्यालय की ईआरपी पर अपलोड न किए जाने की स्थिति में संबंधित छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। हर सेमेस्टर में 90 दिन की पढ़ाई और 75 प्रतिशत उपस्थिति नहीं है तो परीक्षा में बैठने के लिए पात्र नहीं होंगे।