- कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की अपील की
- उप खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक के वेतन पर लगाई है रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
चकराता। राजकीय प्राथमिक विद्यालय डाकरा में कार्यरत एक शिक्षक का वेतन रोकने संबंधी कार्रवाई पर उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने नाराजगी जताई है। संघ के पदाधिकारियों ने उप शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर शिक्षक पर की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की अपील की है। साथ ही पत्र में कार्रवाई से पहले शिक्षक की समस्या को समझने की बात भी कही गई है।
चकराता उप शिक्षा अधिकारी ने नौ अप्रैल को ग्राम डाकरा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान विद्यालय में शिक्षक व भोजन माता अनुपस्थित पाए गए थे। इसके अलावा किचन में साफ-सफाई संबंधी अनियमितताएं भी पाई गई थीं। जिसके आधार पर शिक्षक पर वेतन रोकने की कार्रवाई की गई थी।
कार्रवाई का विरोध करते हुए उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष संगीता चौहान व मंत्री हेमवती नंदन भट्ट ने उपशिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि शिक्षक सुरेश जोशी का आकस्मिक अवकाश का प्रार्थनापत्र उपस्थिति पंजिका में अंकित था। इसके अलावा विद्यालय में पानी की कमी के चलते साफ-सफाई का नहीं होना आदि के लिए शिक्षक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने पत्र में शिक्षकों की समस्याओं का समझे बिना वेतन रोकने जैसी कार्रवाई नहीं करने की अपील भी उप शिक्षा अधिकारी से की है।
उधर, उपखंड शिक्षा अधिकारी शिवानी कौशल ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण में शिक्षक व भोजन माता को अनुपस्थित पाया गया था। पानी उपलब्ध होने के बाद भी किचन में साफ-सफाई नहीं की गई थी। शिक्षक ने आवेदन बाद में दिया जो बिना अनुमति के था। उन्होंने कहा कि लापरवाही पर कार्रवाई की गई है।