-प्रवर्तन दलों को सौंपने के साथ ही दिया रडार गन का प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए अब रफ्तार के शौकीनों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। परिवहन मुख्यालय ने आठ रडार गन खरीदकर प्रवर्तन दलों को सौंप दी है। शुक्रवार को इन दलों का प्रशिक्षण कराया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में देहरादून, हरिद्वार, विकासनगर, हल्द्वानी, पौड़ी, जसपुर, मझोला एवं अल्मोड़ा से आए अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। शुभारंभ करते हुए संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा ने अधिकारियों को सड़क सुरक्षा अभियानों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जान कीमती है। परिवहन विभाग का दायित्व है कि प्रभावी प्रवर्तन के माध्यम से लोगों की जान बचाई जा सके। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के लगभग 75–80 प्रतिशत मामलों में ओवरस्पीड और रैश ड्राइविंग मुख्य कारण पाए जाते हैं, इसलिए तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई आवश्यक है।
विभाग की ओर से सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रवर्तन दलों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसके तहत इंटरसेप्टर वाहन, बॉडी वॉर्न कैमरा, डेसिबल मीटर, अल्कोमीटर, टिंट मीटर और स्पीड रडार गन उपलब्ध कराई गई हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को आठ प्रवर्तन दलों को नई स्पीड रडार गन भी आवंटित की गई। इस अवसर पर उपायुक्त परिवहन शैलेश तिवारी, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) देहरादून अरविंद पांडे, सहायक निदेशक सड़क सुरक्षा, लीड एजेंसी नरेश सांगल, सहायक निदेशक संजय बिष्ट, अभिनाश चौधरी, मुकेश सैनी सहित मुख्यालय एवं परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।