बदमाशों की धरपकड़ के इस ऑपरेशन में पुलिस की सोच बदमाशों की चालाकी पर हर कदम पर भारी पड़ी। मोबाइल लोकेशन न मिले इसके लिए उन्होंने अपने फोन भी घर पर छोड़े थे। साथ ही किसी का चेहरा सीसीटीवी कैमरों में न आए इसके लिए उन्होंने हेलमेट भी नहीं उतारे थे। यहां तक की बाइकें भी चोरी की थीं। बावजूद इसके 10 दिन की दौड़भाग और सटीक सोच के चलते आखिरकार दून पुलिस को सफलता हाथ लग गई।
दरअसल, घटना के बाद से ही जांच सीसीटीवी फुटेज के सहारे आगे बढ़ रही थी। कुछ देर बाद ही सराफ की दुकान के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई तो दो बाइकों पर सवार चार संदिग्ध आसपास ही घूम रहे थे। सीसीटीवी फुटेज से ही पता चला कि बदमाश सेलाकुई की तरफ भागे हैं, मगर सेलाकुई से कुछ पहले से ही ये बाइक किसी सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिखी। इसके बाद पुलिस ने धर्मावाला, आसन बैराज और थानाभवन शामली तक के करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
यहां थानाभवन में एक मैकेनिक की दुकान में दो संदिग्ध करीब तीन-चार घंटे तक रुके हुए थे। सीसीटीवी फुटेज में दिखे संदिग्धों से उनका हुलिया मिल रहा था। इस सुबूत से पुलिस की जांच को बल मिला और बुलंदशहर, शामली, मुजफ्फनगर आदि जनपदों के करीब 400 बदमाशों की सूची तैयार की गई। पुलिस के पास से मिले फोटो में इनका हुलिया आदि मिल रहा था।
इस पर इनके कांटेक्ट नंबरों की इलेक्ट्रानिक सर्विलांस से जांच की गई तो सभी के मोबाइल उनके निवास स्थानों पर ही रखे हुए थे। इससे पुलिस टीमें निराश हो गईं। लेकिन, स्थानीय मुखबिरों से एक बार फिर चारों बदमाशों के नाम सामने आए। फिर क्या था पुलिस का शक पुख्ता हो गया।
मैकेनिक के नंबर से आए पकड़ में
अभी तक पुलिस शक के आधार पर ही काम कर रही थी। बस तलाश थी तो एक कड़ी की जो इन बदमाशों से जुड़ जाए। मालूम हुआ कि ये सभी घटना के समय अपने मोबाइल घर पर रखकर आते हैं। बात भी होती है तो केवल एसएमएस के जरिये।
पुलिस ने देखा कि एमएसएस एक कॉमन नंबर पर किए जा रहे थे। एक कॉल भी की गई थी। यह नंबर था उस थाना भवन वाले मैकेनिक का जिसकी दुकान पर दो बदमाश कई घंटे रुके थे। वहां से जानकारी जुटाते हुए पुलिस ने नईम और राहुल का पता निकाल लिया, जिन्हें क्रमश: बुलंदशहर और दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया।
दिल्ली से चुराई थी बाइक
घटना को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने बाइक भी दिल्ली से चुराई थी। इसके बाद जब पता चला कि इनमें कुछ खराबी है तो इन बाइकों को उन्होंने उक्त मैकेनिक के यहां ठीक कराया था। हालांकि, मैकेनिक का भी इस घटना में कुछ हाथ है या नहीं इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।