मोहना गांव में ढोल-दमाऊ की थाप पर डोरियो और चिह्नों की पूजा अर्चना करते लोग।
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चकराता। मोहना गांव में चालदा महाराज के आगमन की तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को देव चिह्नों और डोरियो की विशेष पूजा-अर्चना कर नवनिर्मित मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। लोगों ने ढोल-दमाऊ की थाप पर नृत्य की प्रस्तुति दी। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान पूरा मंदिर परिसर देव उद्घोष से गूंज उठा।
बजीर दीवान सिंह ने बताया कि बताया कि करीब 37 साल बाद 23 अक्तूबर को देव पालकी मोहना गांव में प्रवेश करेगी। इसके लिए करीब तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद लोगों ने गांव में मंदिर का निर्माण किया है। लकड़ी से निर्मित यह मंदिर प्रकाष्ठ कला का बेहतरीन नमूना है। लकड़ी से बनाए गए मंदिर की दीवारों पर कई चित्र भी उकेरे गए हैं। बताया कि सोमवार को कोटी गांव से आए चालदा महाराज और हनोल से आए महासू देवता के डोरिये और निशान की पूजा-अर्चना कर मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की गई।
मोहना गांव के स्याणा जगवीर सिंह ने बताया कि चालदा महाराज दीपावली से पूर्व गांव में विराजमान हो रहे हैं। ऐसे में इस बार गांव में भव्य तरीके से दीपावली मनाई जाएगी। इस मौके पर मिंडाल गांव के स्याणा जगत सिंह, खारसी गांव के स्याणा शूरवीर सिवंह, चंदन सिंह, माया सिंह, गगन सिंह, टीकम सिंह, प्रताप सिंह, श्याम दत्त आदि मौजूद रहे।
मोहना गांव में फूलों से सजा देव मंदिर।- फोटो : VIKAS NAGAR