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I- हटाए गए कर्मचारियों को सता रही भविष्य की चिंताI
भूमि संरक्षण वन प्रभाग कालसी में गत पांच वर्षों से कार्यरत दैनिक वन कर्मियों की सेवाओं को बुधवार को समाप्त कर दिया गया। वन प्रभाग में उपनल और आउटसोर्सिंग के माध्यम से 60 कर्मचारी कार्य कर रहे थे। सेवाएं समाप्त होने से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। उन्हें भविष्य की चिंता सता रही है। दैनिक वन कर्मियों के रूप में कार्य कर रहे अधिकांश युवा ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट हैं। प्रभाग की कुल नौ रेंज में ये कर्मचारी सेवाएं दे रहे थे। इनकी जिम्मदारी वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध पातन रोकने की थी। बुधवार को जब कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर पहुंचे तो उन्हें संबंधित अधिकारियों ने बताया कि उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। वे अब कार्य पर ना आएं। अब उन्हें कोई वेतन और भत्ता नहीं दिया जाएगा। अचानक सेवाए समाप्त किए जाने से दैनिक वनकर्मी सकते में हैं। उन्होंने सेवाओं को बहाल करने की मांग की है।
Iप्रमुख वन संरक्षक की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए निर्णय व मुख्य वन संरक्षक मानव संसाधन विकास एवं कार्मिक प्रबंधन के आदेश के अनुपालन में दैनिक वन कर्मियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। यह निर्णय उच्च स्तर से लिया गया है।
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I-नीरज कुमार, डीएफओ
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Iअचानक सेवाएं समाप्त किए जाने से कर्मियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सरकार को हमारे भविष्य को देखते हुए कोई निर्णय लेना चाहिए।
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I-राशिद, अध्यक्ष उपनल संविदा संघI