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I- राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने नैनी झील मानचित्र का किया लोकार्पणI
हमारे वीर सैनिकों के बलिदान और समर्पण ने भारतीय नौसेना और एनएचओ की सफलता की नींव रखी है। किसी भी प्रमुख वैश्विक शक्ति के लिए एक मजबूत नौसेना का होना आवश्यक है। नेवी ने अपने परिचालन, मानवीय प्रयासों से अलग पहचान बनाई है। ये बातें राजपुर रोड स्थित राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण कार्यालय में नौसेना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहीं।
उन्होंने कहा कि नौसेना क्षमताओं के महत्व को पहचानने के लिए शिवाजी महाराज की दूरदर्शिता को जानना और समझना जरूरी है, जिन्होंने एक शक्तिशाली नौसेना का मसौदा तैयार किया था। आज हमारी नारी शक्ति देश की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। अब सशस्त्र बलों में नारी शक्ति को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनी झील मानचित्र का लोकार्पण और पुस्तक इंडियन लिस्ट ऑफ रेडियो सिग्नल्स वॉल्यूम 1-2 का विमोचन किया। इस अवसर पर वाईस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया, एडमिरल पीयूश पावसे, वाइस एडमिरल (सेनि.) विनय बधवार आदि मौजूद रहे।
Iनौसेना वह शक्ति, जिससे सपने में भी टकराने से डरते हैं दुश्मन : मुख्यमंत्रीI
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय नौसेना अपने पराक्रम, साहस और कौशल के दम पर हमेशा देश की रक्षा करती है और मान बढ़ाती है। नौसेना देश की वह शक्ति है, जिससे दुश्मन सपने में भी टकराने से डरते हैं। कहा कि भारतीय नौसेना ने सदैव आगे बढ़कर मानवता की सेवा की है। रक्षा उपकरणों के निर्माण के क्षेत्र में भी देश लगातार प्रगति कर रहा है। आज भारत की सेनाएं दुश्मन की गोलियों का जवाब गोलों से देती हैं। आज का ये दिन भारतीय नौसेना की वीरता और समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है। भारतीय नौसेना समुद्री सीमाओं की रक्षा के साथ आपदा के समय में भी अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती है।