वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगर निगम पर खूब धनवर्षा हुई है। इसके साथ ही पिछले साल का रिकॉर्ड भी टूट गया है। पूरे साल में 57 करोड़ रुपये से अधिक नगर निगम के खाते में आए हैं। यह आंकड़ा पिछले साल से तीन करोड़ अधिक है।
पिछले साल नगर निगम के खाते में 54 करोड़ रुपये कर के रूप में जमा हुए थे। इस बार 60 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। कर जमा कराने में निगम की सख्ती के साथ ही नई पहल काफी कारगर साबित हुई है। नगर निगम ने लक्ष्य प्राप्ति के लिए बकायेदारों को नोटिस जारी करने शुरू कर दिए थे।
नगर आयुक्त ने कर जमा करने के लिए वाट्सअप माध्यम से एक नई सुविधा शुरू की थी। इसका लोगों ने खूब प्रयोग किया। एक करोड़ से ज्यादा रुपये इस व्यवस्था के माध्यम से जमा किए गए। इसके अलावा नोटिस का भी असर देखने को मिला। पिछले छह दिन में करीब छह करोड़ रुपये नगर निगम के खाते में जमा किए गए। अंतिम दिन 1.5 करोड़ रुपये जमा हुए।
अब बंद रहेगा सॉफ्टवेयर, फिर छूट के साथ खुलेगा
वित्तीय वर्ष समाप्ति के साथ सोमवार की रात 12 बजे साफ्टवेयर लॉक हो गया। इसके बाद कर नहीं जमा हो सकेगा। बताया जाता है कि जिसका कर जमा नहीं हुआ है उसे अब 20 प्रतिशत का छूट नहीं मिलेगा। इसके अलावा 12 प्रतिशत ब्याज भी जमा करना होगा।
नगर निगम ने कर संग्रहण में इस बार अच्छा प्रदर्शन किया है। 57 करोड़ रुपये से ज्यादा कर नगर निगम के खाते में जमा हुए हैं। वाट्सअप के माध्यम से बिल और नोटिस भेजने वाली व्यवस्था का भी असर सीधे तौर पर देखने को मिला है।
-नमामी बंसल, नगर आयुक्त
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धार्मिक स्थलों के पास मांस की दुकानों को बंद रखने के निर्देश
नवरात्र के चलते शहर में धार्मिक स्थलों के आसपास मीट की दुकानें बंद रहेंगी। नगर निगम ने इस संबंध में सभी मीट विक्रेताओं को आदेश जारी किया है। नगर मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि 30 मार्च से नवरात्र शुरू हो चुके हैं। इसलिए लोगों की जनभावनाओं के मद्देनजर धार्मिक स्थलों के आसपास मीट की दुकानों को बंद करने को कहा गया है।