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मौत का कारण शराब बताने पर भड़के परिजन

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देहरादून। मरीज की मौत का कारण शराब पीना बताए जाने से आक्रोशित परिजनों ने शनिवार को दून अस्पताल की इमरजेंसी में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। आरोप है कि इमरजेंसी कक्ष में डॉक्टर और अन्य स्टाफ के साथ गाली गलौच और धक्कामुक्की भी की गई। परिजन गलत इंजेक्शन लगाने, इलाज में लापरवाही बरतने और चिकित्सा अधीक्षक पर गलतबयानी का आरोप लगा रहे थे। चिकित्सा अधीक्षक की ओर से शहर कोतवाली में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, चिकित्सीय कार्य में अवरोध पैदा करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं पुलिस ने छह से अधिक युवकों को हिरासत में लिया है।
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बता दें, शुक्रवार सुबह किशननगर सैयद मोहल्ला निवासी रेवती रमन पुत्र ओम प्रकाश (25) की दून अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा और तोड़फोड़ की थी। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था।
इस मामले में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने मीडिया में बयान दिया था कि अत्यधिक शराब पीने से युवक का लीवर खराब हो गया था। इससे युवक की मौत हुई। डॉक्टरों ने कोई लापरवाही नहीं की है। इससे गुस्साए युवक के परिजन शनिवार दोपहर दून अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंच गए और तोड़फोड़ कर दी। कुछ युवकों ने मेज में रखे इंजेक्शन, दवा आदि चीजें फर्श पर फेंक दी। परिजन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा से गलत बयानबाजी के लिए माफी मांगने की मांग कर रहे थे। डॉ. टम्टा के अस्पताल में मौजूद न होने पर डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री और इमरजेंसी के नोडल अफसर डॉ. केसी पंत वहां पहुंचे। इसी बीच अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस भी पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को इमरजेंसी कक्ष से बाहर खदेड़ा। कुछ युवक फिर भी हंगामा करते रहे। इस पर पुलिस ने करीब छह से अधिक युवकों को हिरासत में लिया और शहर कोतवाली लेकर पहुंची। डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि डॉक्टर व स्टाफ से धक्कामुक्की, गाली गलौच और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही पुलिस को हंगामे के दौरान की सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध करा दी गई हैं।
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भीड़ ने स्ट्रेचर और मेजें पलटीं, मरीज रहे हलाकान
दून अस्पताल में आक्रोशित भीड़ ने तोड़फोड़ के अलावा एक स्ट्रेचर और वहां रखी मेजें भी उलट-पलट दीं। हंगामे के दौरान इमरजेंसी में पहुंचे मरीज और उनके तीमारदार इलाज के लिए हलाकान रहे। पुलिस के पहुंचने के बाद भीड़ तितर-बितर हो गई। इसके बाद हालात सामान्य हुए।
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