सावन आने में अभी दो दिन बाकी हैं। इससे पहले सोमवार रात से शुरू हुई करीब 11 घंटे की बारिश ने ही व्यवस्थाओं में छेद दिखा दिए। करीब 10 महीने में बने नंदा की चौकी के पुल की एप्रोच रोड पर बना बड़ा गड्ढा कुछ यही दर्शा गया। इसके अलावा बारिश के हॉटस्पॉट मालदेवता समेत शहर में करीब सात जगहों पर बड़ा नुकसान हुआ है। कहीं नदी के पुश्ते ढह गए तो कहीं ग्रामीण सड़क ही बह गई। मसूरी रोड पर एक नया लैंडस्लाइड जोन बन गया। मौसम विभाग की चेतावनी के साथ आई बारिश ने आपदा के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों के लोग तो डर ही गए, प्रशासन को भी यह सचेत कर गई।
पिछले साल 15 सितम्बर को मानसून की विदाई देहरादून शहर को बड़ी चोट दे गई थी। जिले में चारों ओर चंद घंटों में आपदा ने तबाही मचाई थी। कई लोगों की मौत हुई और दर्जनों परिवार बेघर हो गए थे। इसके बाद प्रशासन ने आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पुनर्वास के काम के साथ-साथ इन क्षेत्रों में स्थायी समाधान भी खोजने शुरू कर दिए। इसके बाद से चली आ रही प्रशासन की तैयारियों की सोमवार रात को बारिश ने एक बार फिर परीक्षा ली। अभी मानसून का करीब एक महीना बाकी है। ऐसे में प्रशासन की तैयारियां कितनी दुरुस्त हैं अभी आने वाली बारिश इन्हें कसौटी पर परखेगी।
इन जगहों पर हुआ नुकसान
नंदा चौकी पुल: पुल की अप्रोच लेन में बड़ा गड्ढा हो गया। इससे यहां आवागमन को तत्काल बंद कर मरम्मत का काम शुरू किया गया। शासन ने इस मामले में तीन दिन में जांच रिपोर्ट तलब की है।
सौड़ा सरोली मार्ग: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क का बड़ा हिस्सा बारिश में बह गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर यहां तत्काल मरम्मत का काम शुरू हुआ।
थानो मार्ग: सड़क पर मलबा आने से आवागमन बाधित हो गया। करीब दो घंटे बाद मलबा हटाकर यहां आवागमन सुचारु किया गया।
मालदेवता: रपटे पर पानी आने से यातायात बाधित हो गया। कई जगह मलबा आया जिसे राहत बचाव कार्यों में लगी टीमों ने हटाया। डीएम ने स्थायी पुल के लिए प्रस्ताव मांगा।
बल्दी नदी (सहस्त्रधारा) क्षेत्र: नदी के एक ओर बने पुश्ते की मिट्टी निकलने से क्षतिग्रस्त हो गया। जिलाधिकारी ने यहां राहत व सुरक्षा की समीक्षा की।
आईटी पार्क : बारिश के कारण यहां फिर से बाढ़ जैसे हालात बने जिससे यातायात प्रभावित हो गया। संपर्क मार्गों को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए।
मसूरी रोड: पानी वाला बैंड के पास एक नया लैंडस्लाइड जोन बन गया। इससे सड़क क्षतिग्रस्त हो गई।