जुलाई के आखिरी दिनों में हुई बारिश ने एक बार फिर पिछले साल सितंबर में आई आपदा की भयावह यादों को ताजा कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज गर्जना ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। जबकि कई क्षेत्रों में हालात आपदा जैसे बन गए हैं, जिससे लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
शहर और आसपास के इलाकों में बीते सोमवार से रुक-रुककर हो रही भारी वर्षा के चलते नदियां और नाले उफान पर हैं। निचले इलाकों में जलभराव ने लोगों को भारी परेशानियों को दोगुना कर दिया। बारिश के साथ हो रही तेज गर्जना और बिजली गिरने की घटनाओं ने लोगों में भय का माहौल बना दिया है।
बीते साल सहस्रधारा में हुई थी सबसे ज्यादा बारिश
बीते साल 15-16 सितंबर को हुई बारिश कई इलाकों में आपदा लेकर आई थी। इसके साथ ही दून की बारिश ने 101 साल बाद बारिश का नया रिकॉर्ड भी बनाया था। उस दौरान सहस्रधारा में सबसे अधिक 264.0 एमएम बारिश हुई थी, जो सामान्य से बहुत अधिक है। इससे पहले इतनी बारिश साल 1924 की तीन सितंबर को 212.6 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई थी, जो अब तक का ऑलटाइम रिकॉर्ड था। सोमवार को मालदेवता में पिछले 24 घंटों में 233.0 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
दस साल में कभी नहीं हुई इतनी बारिश
देहरादून के बीते दस साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो इतनी बारिश कभी नहीं हुई। अकेले मालदेवता में 233.0 एमएम बारिश हुई। जबकि साल 2024 में तीन जुलाई को सबसे अधिक 129.9 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। ऑल टाइम रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1966 में 25 जुलाई को देहरादून में 487.0 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।