मेगा प्रोजेक्ट को एडीबी की स्वीकृति का इंतजार
विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर प्रोजेक्ट एडीबी को भेजा
नगर पालिका विकासनगर के पेयजल और सीवर सिस्टम प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने की संभावना बढ़ गई है। शहरी विकास विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी का रिपोर्ट एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) को भेज दी है। अब एडीबी प्रोजेक्ट का रिव्यू कर स्वीकृति देगा। जिसके बाद कार्यदायी संस्था के चयन के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
निकाय क्षेत्र की पेयजल और सीवर लाइन का मौजूदा सिस्टम सालों पुराना है। कई वार्ड में अब तक सीवर लाइन नहीं है। जिसको देखते हुए लंबे समय से इन्हें अपग्रेड करने की जरूरत महसूस की जा रही थी। शहरी विकास विभाग ने करीब 443 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया है।
विभाग के प्रोजेक्ट एक्सपर्ट सुरेश खंडूरी ने बताया कि प्रोजेक्ट को 2055 की आबादी के हिसाब से डिजाइन किया गया है। वर्तमान में पालिका के 11 वार्ड की आबादी करीब 25 हजार है। जिसके 2055 तक 85 हजार होने की उम्मीद है। निर्माण एजेंसी प्रोजेक्ट का संचालन और रख रखाव 18 सालों तक करेगी। मॉनिटरिंग जल संस्थान की होगी।
यह है प्रोजेक्ट
वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट करीब 188 करोड़ का होगा। जिसके तहत नलकूप, ओवरहेड टैंक, नई लाइन बिछाई जाएगी। वाटर सप्लाई का पूरा सिस्टम सेंसर बेस पर आधारित होगा। लोगों को 24 घंटे पेयजल आपूर्ति होगी। सीवरेज सिस्टम का निर्माण करीब 255 करोड़ की लागत से होगा। सीवर लाइन बिछाने के दौरान जो सड़कें क्षतिग्रस्त होगी, उनकी योजना के तहत ही पुनर्निमाण होगा। शांतिधाम के निकट स्थित तीन एकड़ भूमि पर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा। प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब तीन साल लगेंगे।
यह एक मेगा प्रोजेक्ट है। लंबे समय से इस प्रोजेक्ट की जरूरत महसूस की जा रही थी। लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। सिर्फ एडीबी से स्वीकृति मिलनी बाकी है। स्वीकृति मिलने ही बिड की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- मुन्ना सिंह चौहान, विधायक