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- नेहरूग्राम में मरीजों का इलाज करने के बाद रायपुर सीएचसी में भी करते ड्यूटी
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नेहरूग्राम (पीएचसी) के इकलौते डॉक्टर पर यहां इलाज करने के बाद रायपुर सीएचसी भी इमरजेंसी में इलाज करने पहुंचते हैं। महीने में चार से पांच दिन सीएचसी में भी ड्यूटी करते हैं तो उन्हें अगले दिन छुट्टी लेनी पड़ती है। इससे नेहरूग्राम पीएचसी में आने वाले मरीजों का इलाज प्रभावित होता है।
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Iनेहरूग्राम पीएचसी के प्रभारी डॉ. प्रतीक थापा पीएचसी के इकलौते डॉक्टर हैं। रायपुर सीएचसी में उनकी ड्यूटी महीने में चार से पांच बार लगा दी जाती है। वह अपने प्रभार वाले अस्पताल में इलाज करने के बाद करीब तीन किलोमीटर रायपुर सीएचसी पहुंचते हैं। फिर वहां दोपहर दो बजे से रात के आठ बजे तक ड्यूटी करते हैं। बता दें कि रायपुर सीएचसी में 24 घंटे इमरजेंसी संचालित होती है।
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Iडॉ. थापा जिस दिन दोनों अस्पतालों में ड्यूटी करते हैं उसके दूसरे दिन उन्हें छुट्टी लेनी पड़ती है। ऐसे में उस दिन पीएचसी से कई मरीज वापस होते हैं, कुछ को फार्मासिस्ट और आयुर्वेदिक डॉक्टर से दवा लेते हैं। बता दें कि पीएचसी पर जोगीवाला, मोहकमपुर, नेहरूग्राम, डोभाल चौक आदि स्थानों से करीब 200 मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां पर मरीजों की भर्ती करने के लिए कुल चार बेड हैं।
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पीएचसी में शुरू हो गई चंदन लैब
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Iडॉ. प्रतीक थापा ने बताया कि अस्पताल में एक साल से चंदन लैब का सेंटर भी खुल गया है। ऐसे में यहां पर आ रहे मरीजों को जांच की सुविधा भी उपलब्ध हो गई है। अन्यथा मरीजों को रायपुर सीएचसी भेजना पड़ता था। चंदन लैब में मरीजों की निशुल्क जांच की जाती है। इसकी रिपोर्ट उन्हें दो से तीन दिन में मिल जाती है।
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वार्ड आया करती है स्वीपर का काम
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Iपीएचसी में एक एलोपैथी डॉक्टर, एक आयुर्वेदिक डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्ड आया और स्वीपर का पद सृजित है। यहां स्वीपर की तैनाती नहीं है तो वार्ड आया को स्वीपर का भी काम करना पड़ता है। इसके अलावा आयुर्वेदिक डॉक्टर आयुष विंग के तहत मरीजों का इलाज करती हैं और वह छह-सात साल से यहां पर मरीजों का इलाज कर रही हैं। यहां पर आयुर्वेदिक की फार्मेसी है और फार्मासिस्ट भी उपलब्ध है।I