लोक निर्माण विभाग की लापरवाही अलसी गांव के ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। हईया-अलसी-सकनी मोटर मार्ग के चौड़ीकरण और डामरीकरण के दौरान विभाग ने गांव की पेयजल लाइनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हालात यह हैं कि 31 परिवारों की करीब 150 की आबादी को अब दो-दो दिन बाद पानी नसीब हो रहा है। मजबूरी में ग्रामीण अपने खर्चे पर प्लास्टिक के पाइप जोड़कर किसी तरह अस्थायी व्यवस्था चलाने को मजबूर हैं।
अलसी गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए 1975 के दशक में जल संस्थान ने पाइप लाइन बिछाई थी। समय के साथ इसके जर्जर होने पर करीब तीन साल पहले जल जीवन मिशन के तहत जल निगम ने भी नई लाइन बिछाई। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब दो वर्ष पूर्व लोनिवि साहिया ने सड़क चौड़ीकरण के दौरान दोनों ही लाइनों को कई जगह से तोड़ दिया। रही-सही कसर भारी बारिश, पहाड़ दरकने और भू-धंसाव ने पूरी कर दी, जिससे पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
आंशिक मरम्मत कर विभाग ने झाड़ा पल्ला
ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने लाइन टूटने का कड़ा विरोध किया, तो लोनिवि ने दो किलोमीटर से अधिक लंबी क्षतिग्रस्त लाइन में से महज 400 मीटर हिस्से की मरम्मत कर अपने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद पानी के संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने खुद प्लास्टिक के पाइप खरीदकर गांव तक पानी पहुंचाया, लेकिन जुगाड़ की इस लाइन में भी जगह-जगह रिसाव हो रहा है। पानी की मात्रा बेहद कम होने से टैंक भरने में समय लगता है, जिसके चलते गांव में दो दिन बाद सप्लाई छोड़ी जा रही है।
स्थानीय निवासी भाव सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह, संतराम बिष्ट, गुलाब सिंह, दिनेश सिंह बिष्ट, आलम सिंह और रघुवीर खन्ना आदि का कहना है कि इस संबंध में कई बार लोनिवि साहिया के अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर सड़क निर्माण के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है, तो संबंधित जेई और एई से जानकारी ली जाएगी। मामले की जांच कर जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। - अनुज भारद्वाज, अधिशासी अभियंता, लोनिवि खंड साहिया