भानियावाला में स्थित कृष्णाधाम गोशाला में भूख से तड़पते सैकड़ों गोवंशों के लिए नगर पालिका ने 12 कुंतल भूसा और 20 कुंतल हरा चारा भेजा है। गोशाला संचालक ने कहा कि इतना चारा 100 गोवंशों के लिए एक दिन का ही है।
कृष्णाधाम गोशाला, मुनि की रेती नगर पालिका और नगर निगम ऋषिकेश के बीच गोवंशों के लिए चारे-पानी के विवाद में बुधवार को गोशाला की छह गायें भूख से तड़पकर मर गईं।
गोशाला संचालन के कहा कि नगर पालिका ने बृहस्पतिवार को थोड़े चारे की व्यवस्था कर दी है। वहीं, ऋषिकेश नगर निगम ने अब तक चारे की व्यवस्था नहीं की है। गोशाला संचालक आशु अरोड़ा ने कहा कि उनकी गोशाला में मुनि की रेती नगर पालिका व ऋषिकेश नगर निगम की 650 गौवंश हैं। इनमें से मुनि की रेती के गोवंश 309 हैं। बृहस्पतिवार को मुनि की रेती ने जो चारा भेजवाया है, वह केवल 100 गायों के एक दिन के लिए है।
अधिशासी निदेशक चारे के लिए देंगे एक सप्ताह का वेतन
डोईवाला शुगर मिल के अधिशासी निदेशक दिनेश प्रताप सिंह ने सांकरी गोशाला के लिए एक ट्रॉली चारे में रूप में गन्ने का गोला (घास) भेजवाया है। उन्होंने कहा कि वह गोवंश के चारे के लिए अपना एक सप्ताह का वेतन भी दे रहे हैं। कहा कि जब तक मिल चलेगी तब तक उनकी तरफ से गोशाला में कुछ-न-कुछ गन्ने की घास भेजवाई जाती रहेगी।
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गोशाला जाकर जताया दुख
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गोशाला जाकर गोवंशों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने गोशाला में मौजूद गौवंशों को बचाने की भी मांग की है। परवादून कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि गोशाला का खर्चा 25 लाख महीने का है, लेकिन चार महीने में पांच लाख ही दिया गया। उच्च न्यायालय के आदेश में कहा गया है कि गोशालाओं की जिम्मेदारी नगरपालिका, नगर निगम व ग्राम सभाओं की है। वहीं, कांग्रेस नेता गौरव चौधरी के नेतृत्व में गोवंशों की मौत चारे का संकट होने को लेकर तहसील पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर अजय रावत, शिक्षक जितेंद्र कुमार, किसान कांग्रेस अध्यक्ष उमेद बोरा, रंजीत बॉवी, सुनीत दत्त, शुभम कांबोज उपस्थित रहे।