वसंत पंचमी की तिथि का खास महत्व होता है जो ज्ञान और कला की देवी को समर्पित है। वहीं इस बार बसंत पंचमी बेहद खास रहने वाली है क्योंकि इस दिन चंद्रमा का गोचर मीन राशि में होगा। साथ ही चंद्रमा से चतुर्थ भाव में गुरु रहेंगे। ऐसे में बसंत पंचमी के दिन बेहद शुभ संयोग बन रहा है। यह तिथि छात्रों के लिए भी उत्तम संयोग बना रही है। इस त्योहार के साथ ही वसंत ऋतु का आगमन भी हो जाएगा।
आचार्य सुशांत राज ने बताया कि माघ शुक्ल पंचमी तिथि की शुरुआत 22 जनवरी दोपहर दो बजकर 29 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 23 जनवरी, को रात में एक बजकर 47 मिनट पर होगा। ऐसे में शास्त्रों के अनुसार, बसंत पंचमी 23 तारीख को मनाई जाएगी और इसी दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाएगी।
आचार्य सुशांत राज ने बताया कि वसंत पंचमी पर चंद्रमा का गोचर मीन राशि में होने जा रहा है। वहीं चंद्रमा से चतुर्थ भाव में गुरु के होने से गजकेसरी का शुभ संयोग बन रहा है। ज्ञान के कारक गुरु की राशि में बैठकर चंद्रमा का गजकेसरी योग बनाना अत्यंत शुभ है। बसंत पंचमी पर सुबह आठ बजकर 33 मिनट से लेकर 11 बजकर 13 मिनट का समय शिक्षा शुरू करने के लिए सबसे उत्तम रहेगा। बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा करने के लिए सुबह नौ बजकर 53 मिनट से लेकर 11 बजकर 13 मिनट तक का समय सबसे उत्तम रहेगा। लाभ चौघड़िया आठ बजकर 33 मिनट से नौ बजकर 53 मिनट तक और अमृत चौघड़िया नौ बजकर 53 मिनट से 11 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।