बांग्लादेशियों के वोटर आईडी कार्ड बनाने वाले बीएलओ भी अब पुलिस जांच के दायरे में आ चुके हैं। कई क्षेत्रों के बीएलओ से पुलिस ने पूछताछ भी शुरू कर दी है। आईजी रेंज राजीव स्वरूप ने ऐसे बीएलओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पुलिस ने पिछले साल जुलाई में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर ऑपरेशन कालनेमि शुरू किया था। इस ऑपरेशन में हरिद्वार और देहरादून पुलिस ने बड़े पैमाने पर ऐसे लोगों पर कार्रवाई की थी जो वेश बदल और पहचान छुपाकर रह रहे थे। इनमें बांग्लादेशी भी पकड़ में आए थे। पुलिस ने कुल 19 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से नौ बांग्लादेशियों को बीएसएफ के माध्यम से बांग्लादेश भेजा जा चुका है। जबकि, 10 के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है। इनके पास से आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड आदि भी बरामद हुए थे। पुलिस ने इसी क्रम में कई ऐसे सेंटरों को बंद कराया जहां से इनके आधार बनाए गए थे।
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि वोटर आईडी कार्ड बीएलओ के माध्यम से बनाए जाते हैं। ऐसे में इस बात की भी जांच की जा रही है कि ऐसे लोगों ने मताधिकार का प्रयोग भी कभी किया था या नहीं। ऐसे कई बीएलओ को जांच के दायरे में लिया गया है। देहरादून पुलिस कई बीएलओ से पूछताछ भी कर रही है। इसके साथ ही हरिद्वार और देहरादून दोनों जिलों की पुलिस को ऐसे बीएलओ को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं जिन्होंने बिना जांच पड़ताल किए वोटर आईडी कार्ड बनाए हैं।