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Dehradun News: सदन में गर्माया स्मार्ट मीटर का मुद्दा

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- विपक्ष ने लगाया संतोषजनक जवाब न मिलने का आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
भराड़ीसैंण। सदन में तीसरे दिन स्मार्ट मीटर का मुद्दा गर्माया। नियम 58 में इस पर हुई चर्चा के दौरान विपक्ष ने स्मार्ट मीटर का विरोध किया। आरोप लगाया कि इसमें बड़ा घपला है। बिजली संयोजन काटे जाने के बाद जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। विधायक सुमित ह्दयेश ने कहा, सरकार स्पष्ट करे कि इसे लगाना अनिवार्य है या वैकल्पिक।
सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया कि बड़ी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। सदन की कार्यवाही स्थगित कर इस पर चर्चा की जाए। रवि बहादुर ने कहा, स्मार्ट मीटर को जबरन लोगों पर थोपा जा रहा है। विधायक विक्रम सिंह नेगी ने भी इसे बड़ा घपला बताया। अनुपमा रावत ने कहा, किसानों का जितना बिल नहीं आ रहा उससे अधिक सर्च चार्ज आ रहा है। सरकार किसानों के बिल को माफ करे।
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बिजली के छापे मारे जा रहे हैं, भुगतान न करने पर संयोजन काटे जा रहे हैं, बढ़े बिल आ रहे हैं, इन सभी समस्याओं का समाधान प्रीपेड मीटर है। बिजली की दरें विद्युत नियामक आयोग तय करता है। मीटर को लगाने की केंद्र की योजना है। जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं होगा वहां मीटर नहीं लगेंगे। किसानों के लिए भी स्मार्ट मीटर लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। - सुबोध उनियाल, संसदीय कार्यमंत्री
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