ऊर्जा निगम ने सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र के लिए अलग से 220 केवीए का बिजली घर बनाने की कवायद शुरू कर दी है। नवनिर्मित बिजली घर से बिना किसी बाधा के सीधे आपूर्ति मिलेगी। औद्योगिक संगठन लंबे समय से अलग से बिजली घर बनाने की मांग कर रहे थे।
सेलाकुई में स्थापित ढाई सौ से अधिक औद्योगिक इकाइयों को एक बिजली घर व 33 केवीए की एक लाइन से आपूर्ति मिलती है। इससे आए दिन तकनीकी समस्या उत्पन्न होती थी। बिजली गुल रहने से आबादी से लेकर उद्योगों तक व्यापक स्तर पर नुकसान होता है। बिजली की इन्हीं अव्यवस्थाओं के कारण उद्योगों के लिए अलग से बिजली घर बनाने की मांग औद्योगिक संगठन कर रहे थे। जुलाई में प्रदेश सरकार ने नया बिजली घर बनाने की स्वीकृति प्रदान कर दी थी। नवनिर्मित बिजली घर बनाने के लिए आवश्यक टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। झाझरा स्थित बिजली घर से सटी भूमि पर निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। उद्योगपति महेश शर्मा, जितेंद्र कुमार और संजय सकारिया का कहना है नया बिजली घर बन जाने से उन्हें निर्बाध आपूर्ति मिल सकेगी। मौजूदा समय में बार-बार हो रही बिजली कटौती से राहत मिलेगी। उद्योगों को भी फायदा होगा।
बिजली घर बनाने के लिए दो साल का समय निर्धारित है। प्रयास रहेगा कि कम से कम समय में बिजली घर का निर्माण कराकर आपूर्ति सुनिश्चित कराया जा सके। -अशोक कुमार जुयाल, महाप्रबंधक, मानव संसाधन पिटकुल।
बिजली घर बनाने का कदम सराहनीय है। इसके लिए उत्तराखंड इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन कई साल से लगातार मांग कर रहा था। बिजली घर बन जाने से उद्योगों को बिना किसी बाधा के बिजली मिलती रहेगी। इससे उत्पादन तो बढ़ेगा ही साथ ही जेनरेटर आदि के खर्च भी कम होंगे।
-सुनील उनियाल, अध्यक्ष एसोसिएशन।