कुछ इस तरह बदहाल पड़ा है हईया-अलसी-सकनी मोटर मार्ग।
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निर्माण कार्य के 12 साल बाद भी हईया-अलसी-सकनी मोटर मार्ग डामरीकरण की राह ताक रहा है। डामरीकरण न होने से सड़क पर लोगों को हिचकोले भरा सफर तय करना पड़ता है। बरसात में पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है। सड़क पर बने स्क्रबर और सुरक्षा दीवारें भी जगह-जगह टूट गई हैं। लोगों को जान जोखिम में डाल सड़क पर सफर तय करना पड़ता है।
वर्ष 2007 में लोनिवि ने सड़क का निर्माण कार्य किया। जिसके बाद विभाग ने इस सड़क की कोई सुध नहीं ली। सड़क से हईया, अलसी, सकनी, सकनी, कनबुआ, ककाड़ी, किमोठा, पंजिया, लुंवाठा, बनसार समेत 10 गांव की आवाजाही जुड़ी हुई है। ग्रामीण जयपाल सिंह पंवार, कृपाल सिंह पंवार, मायाराम पंवार, चमन सिंह बिष्ट, महेंद्र सिंह बिष्ट, दिलिप सिंह, बलवीर सिंह आदि का कहना है कि सड़क का डामरीकरण न होने से लोगों की राह मुश्किलों भरी बनी हुई है। लोग सड़क पर हिचकोले भरा सफर तय करने को मजबूर है। शिकायत के बाद भी विभाग सड़क का डामरीकरण नहीं करा रहा है। सड़क से उठने वाले धूल के गुब्बार के कारण लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। कई जगहों पर सड़क बेहद संकरी है। लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह का कहना है सड़क चौड़ीकरण और डामरीकरण के लिए इस्टीमेट तैयार कर विभाग को भेजा जा चुका है। बजट स्वीकृत होते ही सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।