नमस्कार...। ये ऑल इंडिया रेडियो का दिल्ली केंद्र है। भारत आजाद हो चुका है और आप सब आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं। कुछ इन्हीं लाइनों के साथ आज से 70 साल पहले रेडियो पर जब लोगों ने आजादी की खबर सुनी, तो पूरा शहर खुशी से झूम उठा था।
जगह-जगह मिठाइयां बंटने लगी। लोगों ने घरों को केले के पत्तों, फूलों से सजाया। जगह-जगह प्रभात फेरी निकाल कर जय सुभाष, जय नेहरू, जय भगत सिंह के नारे गूंजने लगे। यह कहना है कि पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष और स्वतंत्रता सैनानी चंदन लाल अग्रवाल का।
अमर उजाला के साथ स्वतंत्रता दिवस की यादें सांझा करते हुए 87 वर्षीय चंदन लाल कहते हैं कि आजादी के समय मेरी उम्र कुछ यही 17 साल की होगी। रोज की तरह 15 अगस्त 1947 की सुबह भी सब देश में चल रहे हालात को जानने के लिए 50-60 लोगों को जमावड़ा मेरे घर के बाहर लगा हुआ था। उस समय विकासनगर को चौहड़पुर के नाम से जाना जाता था।
शहर की आबादी कोई 2000 के आसपास थी। तब हमारे घर को छोड़ किसी के पास रेडियो नहीं था तो सुबह के समय सब खबर सुनने हमारे घर ही आया करते थे। सुबह को जब पिता जी ने रेडियो खोला तो न्यूज रीडर बड़े गर्व से देश की आजादी की खबर को जोर-जोर से पढ़ रहा था। जिसको सुन पूरा शहर झूम उठा।
सभी लोग मुख्य बाजार स्थित तिलक भवन पर एकत्र हो गए। जहां लोगों ने भारत माता की जय के नारे लगाए। स्वतंत्रता सैनानी स्व. लाला सेवाराम ने तिरंगा लहराया और पूरी फिजा में उस दौरान वंदे मातारम गूंज उठा। रातभर जश्न का माहौल था।