नेत्रदान को लेकर अमर उजाला की मुहिम रंग ला रही है। बुधवार को अभियान से प्रेरित एक और नेत्रदान हुआ।
राजपुर रोड की रहने वाली तृप्ता कश्यप (84) के देहांत के बाद परिजनों ने उनके नेत्र जॉलीग्रांट अस्पताल के नेत्र रोग विभाग को दान कर दिए।
उनकी आंखों से कार्नियल अंधता से पीड़ित दो लोगों को ‘जिंदगी’ मिलेगी। कृष्णा भाटिया और सर्वेश कुमार गुप्ता की कार्निया सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित कर दी गई हैं।
तृप्ता कश्यप (84) का देहांत बुधवार को सुबह 11.45 बजे हुआ था। उनकी इच्छा के अनुसार परिजनों ने जॉलीग्रांट की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डा नीती गुप्ता को सूचना दी। डा गुप्ता ने बताया कि रमेशचंद्र ने फोन पर बताया।
अस्पताल की टीम ने फौरन मौके पर जाकर पार्थिव शरीर से आंखें सुरक्षित कर लीं। बुधवार को ही कार्निया ट्रांसप्लांट के लिए कार्नियल अंधता से पीड़ित रोगियों को बुला लिया गया था।
हरिद्वार के रहने वाले स्व.सर्वेश कुमार गुप्ता और प्रेमनगर की रहने वाली स्व. कृष्णा भाटिया (80) की कार्निया जॉलीग्रांट अस्पताल में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित कर दी गई है।
डा गुप्ता ने बताया कि नेत्रदान के बाद कार्नियल अंधता से पीड़ित रोगियों को जांच के लिए बुलाया लिया गया था। जांच के बाद रोगियों को कार्निया प्रत्यारोपित कर दी गई। रोगियों के सफल प्रत्यारोपण हुआ है। उन्होंने बताया कि अभियान का असर है कि लोग समय से नेत्रदान के संबंध में सूचित कर दे रहे हैं।