गंदे नालों को रिस्पना में गिरने से रोकने के लिए जल निगम इन्हें सीवर लाइन से जोड़ रहा है। इससे सीवर लाइन चोक होने का खतरा बन गया है। जिन जगहों पर नालों को सीवर लाइन से जोड़ा गया है, उन क्षेत्रों में सीवर लोगों के घरों में बैक मार रहा है। हालांकि, जल निगम का कहना है कि नालों में जाली लगाई जाएगी, जिन्हें प्रतिदिन साफ किया जाएगा।
दरअसल, रिस्पना को पुराने स्वरूप में लाना मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसी के तहत रिस्पना नदी में गिरने वाले 177 नालों को टेप किया जा रहा है। पेयजल निगम की ओर से इन नालों को सीवर लाइन से जोड़ रहा है। इससे परिणाम भी सामने आने लगे हैं। नालों को सीवर लाइन से जोड़ते ही सीवर लाइनें चोक होनी शुरू हो गई हैं। चंदरनगर, भगत सिंह कॉलोनी, बद्रीश कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, आर्यनगर क्षेत्र में सीवर लोगों के घरों में बैक मार रहा है। इस संबंध में पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि सीवर में नालों का पानी जाने से यह समस्या आ रही है। कहा कि इससे लोग काफी परेशान हैं।
इस संबंध में जल निगम दून डिवीजन के ईई दीपक मलिक का कहना है कि नालों को अभी पूरी तरह से सीवर लाइन से नहीं जोड़ा गया है। सीवर लाइन चोक न हो इसके लिए नालों पर जाली लगाई जाएगी। कहा कि जिस ठेकेदार या कंपनी को इसका टेंडर दिया गया है, वह 15 साल तक इसकी नियमित निगरानी करेगा।