राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डायलिसिस सेंटर की दीवारों में सीलन आने लगी है। इससे सेंटर में भर्ती होने वाले मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।
कोरोना काल से पहले दून अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग वाली जगह पर नया डायलिसिस सेंटर बना था। जिसमें डायलिसिस की 10 अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई थीं। जबकि दो मशीनें पुराने वाले सेंटर में ही संचालित हो रही थीं। जो कोरोना संक्रमित मरीजों के डायलिसिस के लिए रखी गई थीं। पुराने डायलिसिस सेंटर वाली जगह पर एमआरआई सेंटर बनाया जा चुका है। इसलिए अब नई वाली जगह पर ही डायलिसिस सेंटर पूरी तरह संचालित हो रहा है। दो मशीनों को हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है। सेंटर में रोजाना औसतन सात मरीजों का डायलिसिस होता है। दीवारों में सीलन आने से मरीजों को संक्रमण का खतरा सता रहा है। सीलन आने से कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल -
दून मेडिकल अस्पताल में भर्ती मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। मरीजों ने वार्ड से दाल की एक कटोरी का फोटो वायरल किया है। जिसमें बताया गया है कि इसमें सिर्फ पानी है, दाल नहीं है। वहीं, फल-अंडे आदि नहीं दिए जाने का आरेाप है।
संबंधित विभागों से इस तरह की शिकायत मिली हैं। मरीजों की ओर से भोजन को लेकर की गई शिकायत का फोटो वायरल हुआ है। इन सभी समस्याओं को दिखाकर व्यवस्थाएं सही की जा रही हैं।
- डॉ. आशुतोष सयाना, प्राचार्य, दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल