Iउत्तरांचल विश्वविद्यालय में जेंडर सेंसिटाइजेशन और इक्वालिटी पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। शुक्रवार को कार्यशाला में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।
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Iउन्होंने लैंगिक रूढ़िवादिता को तोड़ने, सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने और सभी व्यक्तियों के लिए गरिमा और सम्मान की संस्कृति को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, शैक्षणिक संस्थान समानता आधारित और प्रगतिशील समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कहा, सहानुभूति, समझ और आपसी सम्मान को प्रारंभिक आयु से बढ़ावा देना आवश्यक है, क्योंकि यही एक ऐसे समाज के निर्माण का आधार है जो भेदभाव और पूर्वाग्रह से मुक्त हो।
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Iइस मौके पर विवि के कुलपति प्रो. धरम बुद्धि, प्रो-वाइस चांसलर प्रो. राजेश बहुगुणा, प्रो. सोनल शर्मा, विनायक शर्मा स्वामी, डॉ. समीर देव शर्मा, मनीषा सैनी, मनीषा खंडूजा, दिव्या रावत आदि मौजूद रहे।I