देहरादून। एक निजी कंपनी की मदद से परिवहन निगम प्रदेश में 45 वाल्वो बसें संचालित कर रहा है। लेकिन इनकी खस्ताहाल पर निगम ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। महाप्रबंधक ने कंपनी ग्रेट वैल्यू फ्यूएल को नोटिस जारी कर चेतावनी दी यदि बसों की हालत जल्द सुधारी नहीं गई तो इनके संचालन पर रोक लगाई जाएगी।
परिवहन निगम दिल्ली, जयपुर, चंडीगढ़, शिमला, जम्मू, लखनऊ समेत कई स्थानों के लिए 45 वाल्वो बसों का संचालन करता है। बसें नई दिल्ली की कंपनी ग्रेट वैल्यू फ्यूएल से एक समझौते के तहत ली गई हैं। कंपनी की बसें हैं। मरम्मत की जिम्मेदारी भी कंपनी की हैं। इसके लिए कंपनी को एकमुश्त रकम दी जाती है। जबकि बसों में चालक-परिचालक सरकार के हैं। इनसे प्राप्त आय भी सरकार की है। इन बसों में कई ऐसी बसें हैं जो मात्र चार साल पुरानी हैं। बावजूद हालत खस्ता हैं। यात्रा के दौरान अधिकतर का एसी बंद होना इनमें सामान्य बात है। सीटें टूटी पड़ी हैं। खराब एसी पर कई बार यात्री हंगामा कर चुके हैं। परिवहन निगम अपने कर्मचारियों को वेतन समय पर भले ही न दे पाए लेकिन वाल्वो संचालित करने वाली कंपनी को समय पर भुगतान किया जाता है। ऐसे में कंपनी यह तर्क देकर नहीं बच सकती कि उनके पास बजट की कमी है। यात्रियाें की परेशानियों को देखते हुए महाप्रबंधक दीपक जैन ने वाल्वो संचालित करने वाली कंपनी को एक नोटिस जारी किया है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि यदि बसों की हालत में सुधार नहीं किया गया तो बसों के संचालन पर रोक लगाई जा सकती है।