उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलकों की ठंडी जलवायु अखरोट के लिए है आदर्श
प्रदेश में 5000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में हो रही है इसकी खेती
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों की ठंडी जलवायु अखरोट की खेती के लिए आदर्श है। राज्य में 5000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में इसकी खेती की जा रही है।
राज्य में मुख्य रूप से फारसी या अंग्रेजी अखरोट की खेती हो रही है, लेकिन अब सुपर कागजी अखरोट जैसी बेहतर किस्में भी विकसित की जा रही है, जो पतले छिलके और अच्छे स्वाद के लिए जानी जाति है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक 1500 से 2500 मीटर की ऊंचाई अखरोट के लिए आदर्श है।
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उत्तरकाशी जिले में होता है सबसे अधिक उत्पादन
देहरादून। अखरोट की खेती प्रदेश के 11 जिलों में हो रही है, लेकिन इसमें उत्तरकाशी ऐसा जिला है, जहां इसका सबसे अधिक उत्पादन होता है। वर्ष 2024-25 में उत्तरकाशी जिले मे 1039 हेक्टेयर में 6273 मीट्रिक टन अखरोट का उत्पादन हुआ।
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प्रदेश के इन जिलों में हो रही है इसकी खेती
देहरादून। प्रदेश के नैनीताल,अल्मोड़ा, पिथौरागढ, बागेश्वर चंपावत, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, चमोली, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिले में इसकी खेती हो रही है।
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प्रदेश में अखरोट की पैदावर बढ़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, इसके लिए सरकार की ओर से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, इसकी खेती पर प्रति पौधा सब्सिडी दी जा रही है। सुंदरलाल सेमवाल, निदेशक उद्यान