बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, दिवाली से एक दिन पहले हरिद्वार मेें एक्यूआई का आंकड़ा 168 पर पहुंच गया, जो चिंता का विषय है। दिवाली के दौरान होने वाली आतिशबाजी के चलते खतरनाक स्तर पर पहुंचने वाले प्रदूषण स्तर पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विशेषज्ञों की नजर है।
राजधानी दून के साथ ही हरिद्वार, काशीपुर, हल्द्वानी, रुद्रपुर जैसे शहरों में अभी दिवाली की जमकर आतिशबाजी भी नहीं हुई, लेकिन उससे पहले ही राजधानी समेत इन सभी शहरों की आबोहवा बिगड़ने लगी है। राज्य प्रदूषषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, घंटाघर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का आंकड़ा 131 पहुंच गया है।
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दिवाली से पहले सबसे प्रदूषित शहरों में हरिद्वार ने भी उपस्थिति दर्ज कराई है। बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, दिवाली से एक दिन पहले हरिद्वार मेें एक्यूआई का आंकड़ा 168 पर पहुंच गया, जो चिंता का विषय है। दिवाली के दौरान होने वाली आतिशबाजी के चलते खतरनाक स्तर पर पहुंचने वाले प्रदूषण स्तर पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विशेषज्ञों की नजर है। बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने बताया कि प्रदूषण की मानीटरिंग की जा रही, जिसमें निजी कंपनी के विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है।
बताया कि फिलहाल देहरादून के अलावा हरिद्वार, काशीपुर, हल्द्वानी, रुद्रपुर, ऋषिकेश, रुड़की, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल जैसे तमाम शहरों में प्रदूषण स्तर की मानीटरिंग की जा रही है। जिसकी रिपोर्ट केंद्रीय प्रदूषण भेजी जा रही है। बताया कि सोमवार को आतिशबाजी के दौरान प्रदूषण स्तर के साथ ही ध्वनि प्रदूषण के स्तर के भी मानीटरिंग की जाएगी, जिसके लिए विशेषज्ञों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
ये होता है एक्यूआइ
शून्य लेकर 50 एक्यूआई स्तर को सेहत के लिए ठीक माना, जबकि 51 से लेकर 100 तक एक्यूआई संतोषजनक, 101 से लेकर 200 तक एक्यूआई स्तर को मध्यम, 201 से लेकर 300 को खराब, 301 से लेकर 400 एक्यूआई स्तर को बेहद खराब और 401 से लेकर 500 तक एक्यूआई स्तर को सेहत के लिहाज से बेहद गंभीर माना जाता है।