चढ़ि चढ़ि रथ बाहेर नगर लागी जुरन बरात, होत सगुन सुंदर सबहि जो जेहि कारज जात। अर्थात रथों पर चढ़-चढ़कर बारात नगर के बाहर जुटने लगी। जो जिस काम के लिए जाता है सभी को सुंदर शकुन होने लगे।
राम-सीता के स्वयंवर के बाद भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न को भी अयोध्या से राजा जनक की कन्याओं से विवाह के लिए बुला लिया जाता है। इसके बाद चारों भाइयों की बरात मिथिला नगर में भव्यता के साथ निकाली जाती है। मंच पर इस प्रसंग के मंचन के बाद रामकला समिति रामलीला बाजार की ओर से राम बरात निकाली गई। इसमें दशरथ के चारों राजकुमारों के रथ, विश्वामित्र, दशरथ आदि के रथों की झांकियां शामिल गईं।
राम बरात के इस दृश्य को महाकवि तुलसीदास ने भी रामचरित मानस में दोहे के माध्यम से बताया है। रामचरित मानस की इन्हीं दोहों और चौपाईयों को बुधवार को शिवाजी धर्मशाला से निकाली गई बरात में गाया गया। राम बरात को देखने के लिए सैकड़ों दर्शक जुट गए।
सीता की खोज में गए हनुमान
श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला में बुधवार को पंचवटी प्रवास का मंचन किया गया। इसके बाद सीता हरण, बाली वध, राम हनुमान मिलन, राम व सुग्रीव की मित्रता और सीता की खोज में निकले हनुमान आदि दृश्यों का मंचन किया गया। इस दौरान कुमारी गायत्री ने सूपर्णखा, अर्जुन ने राम, अनमोल ने लक्ष्मण, कुमारी कल्पना ने सीता की भूमिका निभाई।
सहारनपुर रोड स्थित शिवाजी धर्मशाला से श्री रामलीला कला समिति की ओर से निकाली गई राम बारात में शाम
सहारनपुर रोड स्थित शिवाजी धर्मशाला से श्री रामलीला कला समिति की ओर से निकाली गई राम बारात में शाम
सहारनपुर रोड स्थित शिवाजी धर्मशाला से श्री रामलीला कला समिति की ओर से निकाली गई राम बारात में नाच
सहारनपुर रोड स्थित शिवाजी धर्मशाला से श्री रामलीला कला समिति की ओर से निकाली गई राम बारात में शाम
सहारनपुर रोड स्थित शिवाजी धर्मशाला से श्री रामलीला कला समिति की ओर से निकाली गई राम बारात में शाम
सहारनपुर रोड स्थित शिवाजी धर्मशाला से श्री रामलीला कला समिति की ओर से निकाली गई राम बारात में शाम
सहारनपुर रोड स्थित शिवाजी धर्मशाला से श्री रामलीला कला समिति की ओर से निकाली गई राम बारात के चलते