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Dehradun News: अनुबंध खत्म फिर भी आईएसबीटी के बाहर से डग्गेमारी कर रहीं बसें

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आईएसबीटी के बाहर से बसों की डग्गेमारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। परिवहन विभाग की लगातार कार्रवाई के बाद भी डग्गेमार बसों का संचालन रुक नहीं रहा है। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने बस अड्डे के बाहर से अवैध तरीके से बसों के संचालन की शिकायत आरटीओ से की है।
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गौरतलब हो कि आईएसबीटी के बाहर से बसों का अवैध तरीके से संचालन लगातार किया जा रहा है। इसे लेकर लगातार आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी के निर्देशन में अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद भी बसों की डग्गेमारी रुक नहीं पा रही है। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने आरटीओ को शिकायती पत्र भेजकर अवगत कराया कि जिन बसों का अनुबंध समाप्त हो चुका है, वे भी रोडवेज बसों की आड़ में बस अड्डे के बाहर से सवारियां भर रही हैं। दिल्ली, हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए बसों की डग्गेमारी सबसे अधिक की जा रही है।



40 प्रतिशत से कम होंगी सवारियां तो नहीं जाएगी बस

परिवहन निगम को काेहरा खूब चुनौती दे रहा है। खासकर दिल्ली जाने वाली बसों को रास्ते में कोहरे से जूझना पड़ रहा है। उत्तराखंड परिवहन निगम को इससे बड़ा नुकसान भी हो रहा है। सवारियों के अभाव में बसों को खाली ही गंतव्य को जाना पड़ रहा है। परिवहन निगम के मंडलीय प्रबंधक संजय गुप्ता ने बताया कि कोहरे का प्रकोप देखते हुए बसों के संचालन को लेकर निगम ने सभी चालक एवं परिचालकों को आदेश दिया है कि घने कोहरे के कारण अदृश्यता की स्थिति बनने पर बसों का जबरन संचालन न करें। बसों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा कर दिया जाए। बस क्षमता की 40 प्रतिशत से कम सवारी होने पर सवारियों को अगली बस में शिफ्ट कर दें। चार घंटे में दिल्ली पहुंचने वाली वाल्वो बस इस समय करीब आठ घंटे में पहुंच रही है।
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फॉग लाइट या हैलोजन लाइट लगाने के आदेश दिए



मैदानी मार्गों पर घने कोहरे के कारण उत्तराखंड परिवहन निगम ने की बसों को सबसे अधिक समस्या हो रही है। मंडलीय प्रबंधक संजय गुप्ता ने बताया कि बसों को दुर्घटना से बचाने के लिए फॉग लाइट या हैलोजन लाइट लगाने के आदेश दिए हैं। बसों का संचालन धीमी गति से करने के लिए कहा गया है। डिपो व कार्यशाला अधिकारियों से कहा गया है कि तकनीकी जांच के बाद ही बस को मार्ग पर भेजा जाए।
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बसों के अनुबंध की जांच की जाएगी। बिना अनुबंध कोई भी बस संचालित होती पाई गई तो उसे सीज कर दिया जाएगा। - शैलेश तिवारी, आरटीओ प्रवर्तन
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