राज्य निर्माण के बाद यमुना नदी पर पछवादून के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण नावघाट-सिंहपुरा पुल का निर्माण किया जा रहा है। पुल से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमाएं जुड़ जाएंगी। दोनों राज्यों के बीच व्यापार को बढ़ाने में पुल बेहद कारगर साबित होगा।
पुल से हिमाचल प्रदेश की 15 ग्राम पंचायतों केे लोगों को सुलभ आवागमन की सुविधा मिलेगी। लेकिन, केवल एक एप्रोच रोड न बनने से पुल का निर्माण एक वर्ष से अधूरा है। हिमाचल प्रदेश क्षेत्र में बिना भूमि अधिग्रहण के ही पुल निर्माण अब कार्यदायी एजेंसी और उत्तराखंड सरकार के लिए गले की फांस बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की 14 ग्राम पंचायत का बाजार विकासनगर हैं। दोनों क्षेत्रों के बीच रोटी-बेटी का भी रिश्ता है। विकासनगर और जौनसार बावर के लोगों को भी हिमाचल प्रदेश या चंडीगढ़ जाने के लिए अभी 15 किलोमीटर दूर कुल्हाल जाना पड़ता है। पुराने समय में यमुना नदी पर नाव से दोनों राज्यों के बीच आवाजाही होती थी। उसके बाद काफी समय तक लकड़ी का पुल बनाकर भी आवाजाही होती रही। लेकिन, बरसात में पुल बह जाता था। कई लोग जोखिम उठाकर नदी के बीच से पैदल आवाजाही करते थे।
वर्ष 1970 से नावघाट से सिंहपुरा तक पुल निर्माण की मांग की जा रही थी। राज्य निर्माण के बाद मांग ने जोर पकड़ा। विकासनगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान के प्रयासों से पुल के निर्माण को स्वीकृति मिली। वर्ष 2021 में विधायक ने 44 करोड़ की लागत से बनने वाले 540 मीटर लंबे पुल के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। कार्यदायी कंपनी ब्रिज एंड रूफ प्राइवेट लिमिटेड ने करीब दो साल में उत्तराखंड की सीमा में 18 पिलर पर पुल का निर्माण भी पूरा कर लिया गया। बीते साल दिसंबर माह में पुल का निर्माण पूरा हो गया था। अब, हिमाचल की सीमा में केवल एप्रोच रोड का निर्माण होना है।
लेकिन, उत्तराखंड की सीमा में पुल का निर्माण पूरा होने पर पता चला कि हिमाचल प्रदेश की सीमा में एप्रोच के निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण ही नहीं किया गया है। शासन और विधायक के स्तर पर हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ लगातार पत्राचार किया गया। अब लोक निर्माण विभाग के मुताबिक भूमि अधिग्रहण के लिए हिमाचल प्रदेश ने सरकार भूमि अधिग्रहण के 85 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। अब, जल्द ही एप्रोच के निर्माण का दावा किया जा रहा है।
वर्जन
मामले में मैं खुद हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के सचिव से मिला था। हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब के विधायक ने भी मुख्यमंत्री से इस संबंध में वार्ता की थी। विकासनगर के विधायक लगातार पत्राचार कर रहे थे। हिमाचल प्रदेश सरकार ने एप्रोच रोड निर्माण के लिए धन स्वीकृति दे दी है। भूमि अधिग्रहण की प्रकिया शुरू हो गई है। -दीपक गुप्ता, ईई, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण, खंड लोनिव, देहरादून
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नावघाट पुल की एप्रोच का निर्माण भूमि अधिग्रहण संबंधी पेंच के चलते अटक गया था। लगातार शासन की ओर से भूमि अधिग्रहण के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार से वार्ता की की जा रही थी। हिमाचल सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रकिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही एप्रोच निर्माण के बाद पुल का लोकार्पण किया जाएगा। -मुन्ना सिंह चौहान, विधायक, विकासनगर