क्षेत्र में ट्रांसफॉर्मर पर फॉल्ट ठीक करते समय करंट लगने से जान गंवाने वाले लाइनमैन मनीष के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधि आगे आए हैं। बृहस्पतिवार सुबह सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ग्रामीणों के साथ सेलाकुई बिजलीघर पहुंचे। यहां ऊर्जा निगम के अधिकारियों के साथ हुई लंबी बैठक के बाद पीड़ित परिवार को कुल 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और मृतक की पत्नी को बिजलीघर में स्थायी नौकरी देने का आश्वासन दिया गया है।
बुधवार देर शाम ईदगाह के पास ट्रांसफार्मर पर फॉल्ट ठीक करते वक्त शेरपुर निवासी लाइनमैन अचानक लाइन चालू होने से करंट की चपेट में आ गए थे। धूलकोट के एक निजी अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस दर्दनाक हादसे के बाद से परिजनों और ग्रामीणों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त था। बृहस्पतिवार को विधायक की मौजूदगी में अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में तय हुआ कि ऊर्जा निगम की ओर से चार लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी, जबकि संबंधित ठेकेदार की तरफ से आठ लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इस प्रकार कुल 12 लाख रुपये की आर्थिक मदद पीड़ित परिवार को मिलेगी। इसके अलावा मृतक की पत्नी को बिजलीघर में स्थायी नौकरी देने पर भी सहमति बनी है।
एसएसओ पर लापरवाही का आरोप, जांच शुरू
शटडाउन लिए जाने के बावजूद लाइन चालू होने के मामले में विभागीय स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। प्रारंभिक चर्चा में यह बात उठी है कि सब-स्टेशन ऑपरेटर (एसएसओ) की ओर से शटडाउन छोड़े जाने के कारण यह हादसा हुआ, जिसे लेकर कर्मचारियों में भी भारी गुस्सा है। ऊर्जा निगम के एसडीओ अर्चित भट्ट ने बताया कि अधीक्षक अभियंता के निर्देश पर निगम स्तर से एक जांच समिति गठित कर दी गई है। इसके साथ ही शासन स्तर से विद्युत निरीक्षक की जांच रिपोर्ट भी मंगाई गई है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।