जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा कुशवाह ने बताया कि किसी भी आरोपी (गिरफ्तार अभियुक्त) को अपने वकील को थाने बुलाने का अधिकार है। इस अधिकार के बारे में पुलिस को ही उसे जानकारी देनी चाहिए। कुशवाह बुधवार को रिमांड वकीलों, पुलिस अधिकारियों आदि को निशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दे रही थीं।
सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने से पहले, गिरफ्तारी के वक्त और रिमांड के समय की गाइडलाइन तैयार की हैं। इन्हीं सब के प्रशिक्षण के लिए बुधवार को बैठक का आयोजन किया गया था। इसके तहत पुलिस अधिकारियों को बताया गया कि वे किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते हैं तो उसे उसकी वजह हर हाल में बतानी होगी।
इसके साथ ही बिना परिजनों को सूचित किए किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। गिरफ्तार व्यक्ति को यह भी बताना होगा कि वह अपने वकील को थाने बुला सकता है। ताकि, उसे तमाम तरह के न्यायिक पहलुओं को बताया जा सके। साथ ही पुलिस अधिकारियों को बताया गया कि यदि वह किसी किशोर को गिरफ्तार कर लाते हैं या घर में ही पूछताछ करते हैं तो उस किशोर के परिजनों के सामने ही कर सकते हैं।