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'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' में व्यस्त भाजपा, लेकिन इस फिल्म के राजनीतिक फायदे से बेखबर

Tue, 29 Jan 2019 08:48 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' - फोटो : SELF
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भाजपाई फिल्म फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर के प्रमोशन में जुटी हुई है, लेकिन जो फिल्म उन्हें राजनीतिक लाभ दिला सकती है उससे बेखबर है।

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पाकिस्तान की सरहद में घुसकर उसी की जमीन में आतंकियों का सफाया करने की सत्य घटना पर आधारित फि ल्म ‘उरी : द सर्जिकल स्ट्राइक’ उत्तराखंड के लोगों को खूब भा रही है। इसकी एक प्रमुख वजह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का किरदार भी माना जा रहा है। लेकिन प्रदेश में द एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर फिल्म के प्रचार में जुटी भाजपा उरी द सर्जिकल स्ट्राइक के राजनीतिक लाभ को लेकर एकदम बेखबर है।    

 डोभाल का किरदार फिल्म को उत्तराखंड से जोड़ता है। उनका किरदार मशहूर अदाकार परेश रावल ने निभाया है। हालांकि फि ल्म में उनका नाम अलग है, लेकिन वेशभूषा से लेकर शारीरिक भाषा और संवाद करने की अदा अजीत डोभाल से ही कॉपी की गई है।  डोभाल का रोल यहां के दर्शकों को इसलिए भी आकर्षित कर रहा है क्योंकि वे उत्तराखंड की माटी में जन्में।
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पौड़ी जनपद के बानेलस्यूं में पैदा हुए डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरीखे अहम ओहदे पर पहुंचे। उनकी कहानी दुरूह हालातों से निकलकर प्रसिद्धि और उपलब्धियों का मुकाम बनाने का सपना देखने वाले लाखों नौजवानों को हमेशा से प्रेरित करती रही है। इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख रहे डोभाल के जासूसी के किस्से जेम्स बांड की कहानियों से रोमांचित करने वाले रहे हैं। यही रोमांच फिल्म में उनके सर्जिकल स्ट्राइक की व्यूह रचना तैयार करते समय दिखाई देता है।

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Uri The Surgical Strike - फोटो : twitter
 फिल्म में डोभाल का किरदार सर्जिकल स्ट्राइक के सूत्रधार का है। जब ये किरदार प्रधानमंत्री को यह कहता है कि ये नया हिंदुस्तान है, ये घर में घुसेगा भी और मारेगा भी, तो समूचे हाल तालियाें गूंजने लगता है। देहरादून में ये फि ल्म पिछले तीन हफ्तों से धूम मचा रही है। इस फि ल्म को पसंद किए जाने की एक वजह उत्तराखंड का सैन्य बहुल राज्य होना भी है।

प्रदेश में भूतपूर्व व सेना व अर्द्धसैनिक बलों में सेवारत सैनिकों व उनके परिवारों के सदस्यों की संख्या करीब 10 लाख से अधिक है। इस फि ल्म ने खासतौर पर नौजवानों को सिनेमा घरों तक खींचा है। फि ल्म का दूसरा पहलू पीएम मोदी की छवि को गढ़ता है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आई इस फि ल्म का यही पहलू, इसे देश की सियासत से जोड़ता है। लेकिन ये बात और है कि भाजपाइयों ने ‘द एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर’ फि ल्म पर ही अपना ध्यान केंद्रित किया।

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आई इस फि ल्म से प्रचंड बहुमत वाली सत्तारूढ़ भाजपा राजनीतिक फ ायदा लेने की मंसूबे पाले बैठी थी। लेकिन उरी की ओर उसका अब तक ध्यान नहीं गया है। उसके सभी बड़े नेताओं ने एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर फि ल्म को सिनेमा घरों में जाकर देखा। लेकिन दर्शकों को ये फि ल्म सिनेमा घरों तक उस हद तक नहीं खींच पाई।  
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अभी तक भाजपा के बड़े नेताओं ने ये फि ल्म नहीं देखी है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट कहते हैं, ‘मैंने ये फि ल्म नहीं देखी है। लेकिन तारीफ जरूर सुनी है। मैं जरूर इस फिल्म को देखना चाहूंगा।’ 

फिल्म के बारे में जो मैंने पढ़ा है, उसके मुताबिक, इसमें हमारी फौज की क्षमता के बारे में बताया गया है। सर्जिकल स्ट्राइक की सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रणनीति बनाई। ये हमारे लिए गौरव की बात है। फिल्म प्रधानमंत्री की राजनीतिक इच्छाशक्ति, निर्णय लेने की क्षमता, कुशल नेतृत्व, सैनिकों के प्रति चिंता और संवेदनशीलता को दर्शाती है।- अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
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