उत्तराखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद आयोजित नहीं कराई जा सकी है। हाईकोर्ट ने 15 फरवरी तक परीक्षा का आदेश दिया था, लेकिन अभी परीक्षा की तिथि भी तय नहीं हो सकी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा के चलते परीक्षा में देरी हो रही है।
हर वर्ष होनी है परीक्षा
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीई) के अनुसार टीईटी की परीक्षा हर वर्ष होनी चाहिए, लेकिन प्रदेश में वर्ष 2013 से परीक्षा नहीं हुई है। इंदिरापुरम दून निवासी नरेंद्र सिंह तोमर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
12 जनवरी 2015 को हाईकोर्ट ने विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर को 15 फरवरी तक परीक्षा कराने के आदेश दिए, लेकिन अब तक परीक्षा तिथि तय नहीं हुई। युवाओं का कहना है कि उनकी शिक्षक भर्ती की उम्र बीतती जा रही है, परीक्षा में देरी कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
इनका है कहना
टीईटी परीक्षा अप्रैल अंतिम सप्ताह में कराई जाएगी। अभी इसके लिए तिथि तय नहीं हो सकी है। बोर्ड परीक्षा के चलते इसमें देरी हुई है।
-डीके मथेला, सचिव विद्यालयीय शिक्षा परिषद, रामनगर