दूध का दूध, पानी का पानी- यह पुरानी कहावत है। इसे अब वैज्ञानिकों ने शोध से सच कर दिखाया है।
अब कोई भी कुछ ही पलों में मिलावटी दूध का पता लगा सकता है। आईआईटी वैज्ञानिकों ने इसके लिए किट तैयार की है। इसमें गोल्ड नैनो पार्टिकल बेस्ड एप्टामर की कुछ बूंदें यूरिया से बने दूध का रंग बैंगनी कर देंगी, जबकि शुद्ध दूध का रंग लाल हो जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय जर्नल में इस शोध की प्रमाणिकता को स्वीकार कर लिया गया है। अब आईआईटी के वैज्ञानिक इसके पेटेंट की तैयारी कर रहे हैं।
आईआईटी रुड़की के डिपार्टमेंट आफ बायोटेक्नोलॉजी के वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार नवानी और पोस्ट डॉक्टरल फेलो डॉ. पीयूष कालरा ने दूध में यूरिया की मिलावट कुछेक पलों में जानने के लिए किए गए शोध पर कामयाबी पाई है।
यह शोध 24 जुलाई, 2014 को राष्ट्रपति भवन में भी प्रस्तुत किया जा चुका है। इसके अलावा यह अंतरराष्ट्रीय जर्नल ‘बायोसेंसर एंड बायो इलेक्ट्रानिक्स’ में भी प्रकाशित हो चुका है। इन वैज्ञानिकों का दावा है कि कुछ ही पलों में मिलावटी दूध की पहचान करने वाला यह पहला शोध है।