सात मई को उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों पर मतदान से 48 घंटे पूर्व प्रदेश की नेपाल से लगती सीमाएं सील कर दी जाएंगी।
चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने तक न कोई वहां से उत्तराखंड आ पाएगा, न उत्तराखंड से कोई उधर जा सकेगा। नेपाल से उत्तराखंड के रास्ते देश में आतंकियों के घुसने की आशंका के मद्देनजर प्रदेश पुलिस ने यह निर्णय किया है।
खुफिया एजेंसियों ने इस संबंध में पुलिस को अलर्ट भेजा था, जिसके बाद नेपाल और दूसरे प्रदेशों से लगती सीमाओं पर भी कड़ी चौकसी बरती जा रही है।
खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी
हाल में उत्तर प्रदेश और राजस्थान से पकड़े गए आतंकियों से मिली सूचनाओं को खुफिया एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। नक्सल प्रभावित राज्यों में हो रही घटनाओं पर भी मंथन चल रहा है।
खुफिया विभाग के एक शीर्ष अफसर ने बताया कि नक्सली और माओवादी चुनाव के दौरान गड़बड़ी फैला सकते हैं। नेपाल आतंकियों के लिए भारत पहुंचने का सबसे सुरक्षित जरिया रहता है। उत्तराखंड की लंबी सीमा नेपाल से लगती है।
बड़े नेताओं की रैलियों पर होगी नजर
इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि आतंकी नेपाल से उत्तराखंड में दाखिल हो सकते हैं। खुफिया एजेंसियों की ओर से पुलिस को बड़े नेताओं की रैलियों पर खास नजर रखने की हिदायत दी गई है।
पुलिस के साथ ही एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) और स्पेशल टास्क फोर्स में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक राम सिंह मीणा ने बताया कि अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव के दौरान भी उत्तराखंड पुलिस सुरक्षा में सहयोग करेगी। इन राज्यों की सीमाओं पर अतिरिक्त चौकसी बरती जा रही है।