पिछले कई दिनों से दो माननीय हलकान है। खनन को लेकर हल्ला यूपी में मचा है लेकिन इन माननीयों की पेशानी पर बल देहरादून में पड़ रहे है। रही सही कसर हरिद्वार जिले में दो दिन पहले एक अफसर पर हुए खनन माफियाओं के हमले ने पूरी कर दी।
खनन का बड़ा साम्राज्य
सत्ता के नजदीक होने और कई बार दिखावा करने वाले इन महान राज्य भक्तों का भी खनन का बड़ा साम्राज्य है। मगर नोएडा के मामले में एक युवा महिला आईएएस को सस्पेंड कर अपने हाथ जला चुकी यूपी सरकार के बाद अपने सूबे का तंत्र भी खासा सक्रिय हो गया है। और, चतुर्थ तल से साफ हिदायत दी जा रही है कि नोएडा जैसे मामले ना हो इसके लिए सतर्कता बरती जाए। बस इस सतर्कता ने ही दोनों माननीय विधायकों को पसीना पसीना कर रखा है। हो भी क्यों ना, हर रोज लाखों रुपए का कारोबार होता है।
राजस्व की हानि की भरपाई कैसे हो
अवैध रूप से हर रोज मिलने वाले लाखों रुपए के राजस्व की हानि की भरपाई आखिर कैसे हो, इसका हल निकालने में ही दिन बीत रहा है। मगर, फिर भी उन्हें उम्मीद है कि कुछ दिन बाद ही सही परिस्थितियां बदलेगी, लेकिन कुछ ईमानदार और दबंग अफसरों को मौका मिला तो वह भी डंडा लेकर शुरू हो गए। अब माननीयों को कौन समझाए कि खनन माफिया हो या फिर अंडरवर्ल्ड माफिया, सभी की एक की श्रेणी है। फिलहाल तो चुप बैठने के अलावा कोई रास्ता भी नहीं है।