खनन सामग्री को लेकर यूपी और उत्तराखंड के बीच ठन गई है। सोमवार को यूपी के अधिकारियों ने खनन सामग्री से भरे उत्तराखंड के वाहनों को रोका था। इसके जवाब में मंगलवार को उत्तराखंड की पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया।
अफसरों ने बार्डर पर पहुंचकर यूपी से आ रहे वाहनों को रोककर चालान काटे। कार्रवाई के दौरान सात वाहन और एक जेसीबी को सीज कर दिया गया। इसके बाद सीमाओं के दोनों ओर वाहन जहां के तहां ठहर गए हैं।
इससे बार्डर पर टकराव के आसार बढ़ गए हैं। बार्डर की अमानतगढ़ पुलिस चौकी पर पीएसी तैनात कर दी गई है।
उत्तराखंड के बुग्गावाला क्षेत्र में स्थापित स्टोन क्रशरों से खनन सामग्री लेकर जा रहे ट्रकों को एक दिन पूर्व बार्डर पर यूपी पुलिस और अधिकारियों ने रोक दिया था। ओवर लोडिंग में कई ट्रकों के चालान काटे गए थे।
यूपी की दादागिरी को दिया करारा जवाब
यूपी पुलिस की इस कार्रवाई से उत्तराखंड स्टोन क्रशर संचालकों और खनन से जुड़े कारोबारियों में हलचल मच गई। इस पर स्टोन क्रशर संचालकों ने मंत्रियों व आला अधिकारियों से संपर्क साध गुहार लगाई। उन्हें बताया गया कि यूपी की ओर से दादागिरी दिखाई जा रही है।
इस पर शासन की ओर से स्थानीय प्रशासन को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। मौके पर भगवानपुर और बुग्गावाला पुलिस के साथ पहुंचे एसडीएम प्रत्यूष सिंह और सीओ मंगलौर जीबी पांडे ने यूपी से आ रहे पांच डंपर, दो ट्रैक्टर ट्राली और एक जेसीबी मशीन को ओवरलोडिंग में सीज कर दिया।
एसपी का कहना
यूपी में उत्तराखंड के वाहनों के ओवरलोडिंग में चालान काटे गए थे। हमारी ओर से यूपी के वाहनों के खिलाफ ओवरलोडिंग में कार्रवाई की गई है। जल्द ही उत्तराखंड के माल की सप्लाई के लिए रास्ता निकाला जाएगा।
-प्रमेंद्र डोबाल, एसपी देहात
प्रशासन के दावे की खुली पोल
एक तरफ पुलिस प्रशासन दावा करता है कि बुग्गावाला क्षेत्र की नदियों में खनन पूरी तरह से बंद है, वहीं इसकी यूपी में सप्लाई के लिए पैरवी भी कर रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब खनन हो ही नहीं रहा है तो यूपी को जाने के लिए तैयार खड़े सैकड़ों वाहन उत्तराखंड की सीमा में कहां से आ गए।
एक सप्ताह से बुग्गावाला क्षेत्र के ग्रामीण पुलिस प्रशासन को इस बात की शिकायत कर रहे हैं कि रात के समय स्टोन क्रशर संचालक नदियों में जेसीबी मशीनों से बड़े पैमाने पर खनन करा रहे हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन इन शिकायतों को नजरअंदाज करता रहा। अब यह सच सामने आने लगा।
तैयार खड़े ट्रक इस बात की गवाही दे रहे हैं कि चोरी छिपे नदियों में अवैध खनन जारी है। इस बाबत एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल का कहना है कि क्रशर संचालकों का कहना है कि यह माल नियमानुसार स्टॉक किया गया है।
यूपी के सफेदपोश ने दिखाई दादागिरी
उत्तराखंड में चल रहे खनन का खेल यूपी के खनन माफिया को रास नहीं आ रहा है। चर्चा के अनुसार यह माफिया यूपी में एमएलसी है। इसकी न केवल यूपी के खनन कारोबार में बड़ी हिस्सेदारी है, बल्कि अखिलेश सरकार में भी काफी गहरी पैठ है।
पांच दिन पूर्व इसी नेता ने उत्तराखंड के क्रशर संचालकों द्वारा ट्रकों को ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे 40 फुट चौड़े चोर रास्ते में खाई खुदवा दी थी। यह रास्ता सुंदरपुर में यूपी की सीमा से होकर जाता है। इस पर भी बात नहीं बनी तो यूपी पुलिस और प्रशासन का सहारा लिया गया।
सस्ते माल के कारण टकराव
उत्तराखंड से जो खनन सामग्री सप्लाई की जा रही है, उसके लिए न तो रायल्टी अदा की गई है और न ही सेल्स टैक्स। लिहाजा दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा आदि महानगरों में पहुंच रही उत्तराखंड की सामग्री यूपी से करीब 20 रुपये प्रति कुंतल सस्ती है।