हाइकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने एसिड अटैक मामले के आरोपी को दस साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी से यह भी कहा गया है कि वह पांच लाख रुपये का मुआवजा पीड़ित युवती को दे। न्यायालय ने कहा कि पीड़ित को तीन लाख रुपये सरकार देगी।
रुड़की निवासी कुंवर सिंह ने 18 दिसंबर 2009 को रुड़की थाने में एक प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कहा था कि उसकी पुत्री जब ट्यूशन से घर लौट रही थी तो अभियुक्त आजम ने उस पर एसिड छिड़क दिया था। इसके बाद पीड़ित को तुरंत रुड़की अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया।
इस प्रकरण पर निचली अदालत ने पांच अगस्त 2010 को निर्णय देते हुए आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया था। निचली अदालत के इस आदेश के विरुद्ध सरकार ने हाइकोर्ट में अपील दायर की थी।
हाइकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए सरकार को एसिड अटैक से संबंधित मामलों के लिए क्रिमिनल इंज्यूरी कंपनसेशन बोर्ड का गठन चार सप्ताह में करने, खुले में एसिड की बिक्री प्रतिबंधित करने, एसिड मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होते ही पीड़ित को तत्काल एक लाख रुपये मुआवजा देने और प्रतिमाह सात हजार रुपये देने का निर्देश दिया था।